Ambedkar Jayanti 2026: भीमराव अंबेडकर जयंती हर साल 14 अप्रैल को मनाई जाती है, यह दिन भारतीय संविधान के जनक डॉ. बी.आर. अंबेडकर का जन्म दिवस है। डॉ भीमराव अंडेबकर को बाबासाहेब या बाबासाहेब अंबेडकर नाम से भी जाना जाता है। बाबा साहब अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन शोषितों और वंचितों को उनका वाजिब अधिकार दिलाने के लिए समर्पित कर दिया था। वह शिक्षा और समानता को किसी भी इंसान का सबसे मजबूत हथियार मानते थे।
बाबा साहेब अंबेडकर के बारे में
आपको बता दें कि डॉ. भीमराव अंडेबकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू (अब डॉ. अंबेडकर नगर) में हुआ था। डॉ भीमराव अंडेबकर के पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता का नाम भीमाबाई था। उनके पिता भारतीय सेना में सूबेदार थे और कबीर पंथ के अनुयायी थे। एक साधारण से परिवार से आने के बावजूद उन्होंने पढ़ाई अपनी सोच से देश और दुनिया में पहचान बनाई। उनके पास 32 डिग्रियां थीं।
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बाबा साहेब के प्रेरणादायक विचार
डॉ. अंबेडकर के बहुत से ऐसे विचार हैं जिसे अपनाकर कोई भी ना सिर्फ अपना बल्कि समाज का भी भला कर सकता है। आइए डालते हैं डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रेरक विचारों पर एक नजर:
1. मैं ऐसे धर्म को मानता हूं जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है।
2. एक इतिहास लिखने वाला इतिहासकार सटीक, निष्पक्ष और ईमानदार होना चाहिए।
3. "शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो इसे पिएगा वह दहाड़ेगा।"
4. "बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।"
5. "हम सबसे पहले और अंत में भी भारतीय ही हैं।"
6. राजनीतिक स्वतंत्रता और सामाजिक समानता जरूरी हैं, लेकिन शिक्षा के बिना ये दोनों अधूरे हैं।
7. धर्म वह होना चाहिए जो मानवता को जोड़ता है, न कि बांटता है।
8. ‘मनुष्य का अंतिम लक्ष्य ज्ञान का विकास होना चाहिए’।
9. ‘जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए’।
10. ‘जो लोग अपने इतिहास को भूल जाते हैं, वे कभी नया इतिहास नहीं बना सकते’।
11. ‘तुम्हारे पैरों में जूते भले ना हों, हाथों में किताब जरूर होनी चाहिए’।