Heart Veins: हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग हार्ट होता है, लेकिन गलत खान-पान और गलत आदतों की वजह से आजकल कम उम्र में ही लोगों के दिल की नसें कमजोर होती जा रही है। जिस वजह से हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। लेकिन दिल से जुड़ी बीमारियों के शुरूआती लक्षण आपको शरीर में पहले से दिखना शुरू हो जाते हैं। जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, समय रहते उसका इलाज करा लेना चाहिए। आइए जानते हैं दिल की नस कमजोर होने पर शरीर में कौन-कौन से लक्षण दिखते हैं।
दिल की नस कमजोर होने के लक्षण
1- सीने में जलन होना
2- सांस लेने में परेशानी होना
3- कंधे और छाती में दर्द होना
4- पैरों में अक्सर दर्द बने रहना
5- पैर में अक्सर सूजन रहना
6- थकावट महसूस होना
7- लगातार सर्दी और जुकाम बने रहना
8- ब्लड प्रेशर हाई रहना
9- अक्सर बेचैनी होना
10- छाती में दबाव महसूस करना
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दिल की नस कमजोर होने के कारण
- मोटापा भी दिल की नस कमजोर होने का एक कारण हो सकता है।
- शरीर में बढ़ता कोलेस्ट्रॉल भी दिल की नस को कमजोर कर सकता है। क्योंकि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की वजह से दिल की नसों में प्लाक जमा हो जाता है।
- हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी काफी खतरनाक होती है। क्योंकि हाई ब्लड प्रेशर की वजह से हार्ट अटैक की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है, इसलिए यह भी दिल की नस कमजोर होने का एक कारण होता है।
- हृदय की मांसपेशियों में आयरन जमा हो जाने की वजह से भी दिल की नस कमजोर हो जाती है।
- शरीर में जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स की कमी के कारण भी दिल की नस कमजोर होने लगती है।
- डिप्रेशन की वजह से भी दिल की नसे कमजोरी होती है। साथ ही नींद न आने की समस्या, जिसे अनिद्रा की बीमारी कहते हैं, उसकी वजह से भी दिल की नस कमजोर हो सकती है।
- पहले हुई हार्ट सर्जरी या हार्ट वाल्व से जुड़ी समस्या होने की वजह से भी दिल की नस कमजोर हो सकती है।