थर्ड डिग्री प्रकरण में पीड़ित पक्ष ने अधिकारियों से मुलकात कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में अधिकारियों ने पीड़ित पक्ष को भरोसा दिलाया है कि अभी मामले की जांच चल रही और 15 दिन अंदर कार्रवाई कर दी जाएगी। हालांकि अभी पुलिस ने दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव का मेडिकल नहीं कराया है। दोनों ने खुद ही मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्राइवेट डाक्टरों से अपना मेडिकल कराया है।
यह था मामला
छात्रा ललिता गौतम हत्या की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर 8 जुलाई को छात्रा के परिजनों ने दलित समाज के साथ कलेक्ट्रेट के गेट पर धरना दिया था और डीएम व पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय को मौके पर बुलाने की मांग की थी। मौके पर पहुंचे पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता करने के बजाए लाठीचार्ज कराकर खदेड़ दिया था और पुलिस कस्टडी में पुलिस की वैन के अंदर एक प्रदर्शनकारी रवि गौतम की थप्पड़ों से पिटाई की थी।
13 लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज
इस मामले में सिविल लाइंस थाने में रवि गौतम, मोहित जाटव निवासी और सपा एवं किसान नेता दिग्विजय भाटी निवासी निवासी हसनपुर, जिला अमरोहा समेत 13 लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया था। इसी मामले में खुद को निर्दोष बताने के लिए 19 अगस्त को किसान एवं सपा नेता दिग्विजय सिंह भाटी और मोहित जाटव पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय से उनके ऑफिस में मिलने गए थे।
आरोप है कि पूर्व एसएसपी ने अपने आफिस में जूतों से पिटाई की थी और बाद में सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ ने एसओजी ऑफिस में ले जाकर थर्ड डिग्री दी थी। इस मामले में पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय का शासन ने तबादला कर दिया था और सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ समेत आठ पुलिसकर्मियों को नए एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने लाइन हाजिर कर दिया था और बाद इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ को निलंबित कर दिया। इस पूरे प्रकरण की जांच एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने डीआईजी सहारनपुर रेंज अभिषेक सिंह को सौंपी है। उन्होंने अभी जांच रिपोर्ट नहीं दी है।
न्याय दिलाने की मांग को लेकर अधिकारियों से मिले
इस मामले में अभी तक दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज नहीं होने से पीड़ित पक्ष आहत है। इसी संबंध में मंगलवार को दिग्विजय भाटी, मोहित जाटव गुर्जर एवं जाटव समाज के राजदीप विकल, फैजल, ललित राणा, सुमित घाट, रविंद्र गुर्जर, विपिन मनौतियां, अमित प्रधान, अश्वनी गुर्जर आदि के साथ सबसे पहले एडीजी भानु भास्कर से उनके कार्यालय में मिले और दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति और डीएम डा.वीके सिंह से उनके आफिस में मुलकाता की और एक ज्ञापन भी दिया।
15 दिन के अंदर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
तीनों अधिकारियों से मुलाकात करने के बाद मोहित जाटव ने बताया, सभी अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि 15 दिन के अंदर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि अभी इस प्रकरण की जांच प्रचलित है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया, अधिकारियों के सकारात्मक रुख से उम्मीद जगी है कि इस मामले में जल्द ही न्याय मिलेगा और दोषियों पर कानूनी शिकंजा कसेगा। मोहित जाटव का कहना है कि जांच टीम ने उनके और पुलिस ने दिग्विजय भाटी बयान तो दर्ज कर लिए है, लेकिन अभी तक उनका सरकारी मेडिकल नहीं कराया है। इसलिए उन्होंने खुद अपना प्राइवेट डाक्टरों से मेडिकल कराया है, ताकि मुकदमे में लगाया जा सके।