किसान एवं सपा नेता डा.दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव को पुलिस आफिस से लेकर एसओजी दफ्तर में थर्ड डिग्री देने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां थप्पड़ प्रकरण में रवि गौतम ने धरना देकर मोर्चा खोल रखा है। वहीं लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात के दौरान दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने पुलिस द्वारा थर्ड डिग्री देने का पूरा वाक्य सुनाया। दोनों ने कहा, अगर समय पर सपा विधायक अतुल प्रधान मदद के लिए नहीं आते तो पुलिस उनका एनकाउंटर कर देती। इसके लिए सिविल लाइंस थाना प्रभारी चार किलोमीटर तक दोनों को सरकारी जीप में पुलिस फोर्स के साथ लेकर घूमते रहे थे। दोनों ने एसएसपी समेत दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। दोनों की पीड़ा सुनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भरोसा दिलाया है कि सरकार बनने पर न्याय और सम्मान देने का काम सपा करेंगी। रविवार को लखनऊ में सपा के पार्टी ऑफिस में डा.दिग्विजय सिंह भाटी और मोहित जाटव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की। दोनों को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने रूबरू कराया गया। दोनों की पीड़ा सुनने से पहले अखिलेश यादव ने कहा, कानून का राज होता तो उक्त आईपीएस पर 307 का मुकदमा दर्ज हो जाता। कानून का राज नहीं है। इसलिए दोनों को दर दर भटकना पड़ रहा है। मोहित की जाति का पता चलने पर आईपीएस का गुस्सा बढ़ गया था। ऐसे आईपीएस को नौकरी नहीं करनी चाहिए, कार्रवाई होनी चाहिए। न्याय के लिए दोनों को कोर्ट जाना चाहिए। सरकार बनने पर दोनों को न्याय और सम्मान देगी सपा।
एनकाउंटर करने की पूरी तैयारी में थी पुलिस : मोहित जाटव
दोनों ने अखिलेश यादव को बताया, एसएसपी अविनाश पांडेय ने मोहित जाटव को मोबाइल पर काल कर 19 अगस्त को अपने ऑफिस में बुलाया था। वह मोहित के साथ पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय से मिलने चले गए थे। आरोप है कि आफिस पहुंचते ही पूर्व एसएसपी ने दोनों की जाति पूछने के बाद अपमानित किया और फिर नेता बनाने की धमकी देकर अपने आफिस में बराबर में बने कमरे में ले गए। कमरा बंद कर पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय ने लात घूंसों से पीटा था। इसके बाद सिविल लाइंस पुलिस दोनों को वहां से मुंह पर कपड़ा ढक कर एसओजी आफिस में ले गई थी। मोहित जाटव ने बताया, घटना वाली रात पुलिस चार किलोमीटर तक दोनों को एनकाउंटर के लिए साथ लेकर घूमती रही थी। इसी दौरान विधायक अतुल प्रधान गाड़ी लेकर आ गए थे। उनकी मदद से जान बची।
उल्टा लटका कर डंडों से पीटा : दिग्विजय भाटी
दिग्विजय भाटी ने बताया, दोनों को उल्टा लटका डंडों से पीटा था। हाथ जोड़कर गुहार भी लगाई थी, लेकिन पुलिसकर्मी पिटाई करते रहे। होश में आने पर फिर पीटते थे। पानी मांगने पर बोतल के ढक्कन में पानी देते थे। दिग्विजय का कहना था कि दोनों को इसलिए पीटा गया है कि वह गुर्जर और दलित हैं। दोनों का कहना है कि पुलिस ने अभी तक न तो उनका मेडिकल कराया और न ही मुकदमा दर्ज किया है। वह न्याय की मांग के लिए भटक रहे है। उम्मीद है कि अखिलेश यादव मदद करेंगे। दोनों ने इसका एक वीडियो भी मीडिया को जारी किया है।
यह था मामला
छात्रा ललिता गौतम हत्या की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर 8 जुलाई को छात्रा के परिजनों ने दलित समाज के साथ कलेक्ट्रेट के गेट पर धरना दिया था और डीएम व पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय को मौके पर बुलाने की मांग की थी। मौके पर पहुंचे पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता करने के बजाए लाठीचार्ज कराकर खदेड़ दिया था और पुलिस कस्टडी में पुलिस की वैन के अंदर एक प्रदर्शनकारी रवि गौतम की थप्पड़ों से पिटाई की थी। इस मामले में सिविल लाइंस थाने में रवि गौतम, मोहित जाटव निवासी और सपा एवं किसान नेता दिग्विजय भाटी निवासी निवासी हसनपुर, जिला अमरोहा समेत 13 लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया था। इसी मामले में 19 अगस्त को किसान एवं सपा नेता दिग्विजय सिंह भाटी और मोहित जाटव पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय से उनके ऑफिस में मिलने गए थे। आरोप है कि पूर्व एसएसपी ने अपने आफिस में जूतों से पिटाई की थी और बाद में सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ ने एसओजी ऑफिस में ले जाकर थर्ड डिग्री दी थी।