Third phase of SIR Begins: भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तीसरे चरण की शुरुआत कर दी है। इस चरण के तहत ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में 30 मई 2026 से घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों और जो लोग मतदान के लिए पात्र नहीं हैं, उनके नाम सूची से हटाए जा सकें। यह प्रक्रिया संविधान और चुनाव संबंधी कानूनों के अनुरूप संचालित की जा रही है।
घर-घर पहुंच रहे बूथ स्तर अधिकारी
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) प्रत्येक घर तक पहुंचकर मतदाताओं को आवश्यक फॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं। नागरिक इन फॉर्मों को भरकर बीएलओ के माध्यम से जमा कर सकते हैं या फिर ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं। इस अभियान का मकसद मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे। आयोग ने लोगों से सहयोग करने और सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है।
फॉर्म जमा करने की महत्वपूर्ण तिथि
आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन नागरिकों के आवेदन 28 जून 2026 तक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के पास पहुंच जाएंगे, उनके नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। जो लोग निर्धारित समय तक आवेदन जमा नहीं कर पाएंगे, उन्हें बाद में दावा और आपत्ति अवधि के दौरान फॉर्म-6 तथा आवश्यक घोषणा पत्र के माध्यम से आवेदन करने का अवसर मिलेगा। इससे कोई भी पात्र नागरिक मतदाता बनने के अधिकार से वंचित नहीं रहेगा।
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राजनीतिक दलों को भी मिली जिम्मेदारी
मतदाता सत्यापन अभियान में राजनीतिक दलों की भागीदारी बढ़ाने के लिए आयोग ने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) को भी आवेदन फॉर्म जमा करने की अनुमति दी है। प्रत्येक बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 50 फॉर्म जमा कर सकेगा। साथ ही, राष्ट्रीय और राज्य स्तर के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बीएलए नियुक्त कर सकते हैं। सर्वेक्षण के दौरान बीएलए के पास नए मतदाताओं के लिए पर्याप्त संख्या में फॉर्म-6 और घोषणा पत्र रखना अनिवार्य किया गया है।
राज्यों में बड़ी संख्या में मतदाता शामिल
चारों राज्यों में इस अभियान के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। ओडिशा में 3.34 करोड़ से अधिक मतदाता हैं, जहां 38 हजार से ज्यादा बीएलओ और 8 हजार से अधिक बीएलए तैनात किए गए हैं। मिजोरम में लगभग 8.75 लाख, सिक्किम में 4.71 लाख और मणिपुर में 20.92 लाख मतदाता इस प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग का मानना है कि इस विशेष अभियान से मतदाता सूची और अधिक सटीक बनेगी तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।