Mysterious Kali Temple in Kalsi: उत्तराखंड केवल बेहतर क्लाइमेंट के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि देवभूमि भी है..इसलिए उत्तराखंड में कई ऐसे मंदिर हैं. जिनके बारे में ही शायद ही ज्यादा लोगों को पता हो. आज हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड के कैलासी मंदिर की. मान्यता है कि पांडवों को जीत का वरदान भी इसी मंदिर में मिला था.. प्रकृति के सौंदर्य के बीच बसा है मां काली (Kali Temple Kalsi) का एक अत्यंत प्राचीन मंदिर. चकराता मार्ग पर बहती अमलावा नदी के किनारे स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है..
पांडवों ने थी मां काली की पूजा
चकराता मार्ग पर स्थित मां काली का यह मंदिर अद्भुत और चमत्कारी शक्तियों से जुड़ा हुआ है. बताया जाता है कि युद्द से पहले पांडवों ने यहां मां काली की आराधना की थी. साथ ही वरदान प्राप्त किया था.. विषम परिस्थितियों और दुर्गम रास्तों के कारण पांडवों ने अपनी कुलदेवी मां काली की अराधना की. कहा जाता है कि मां काली उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर स्वयं प्रकट हुईं. साथ ही उन्हें जीत का वरदान भी दिया था..
द्वापर युग में गुफा में रहे थे पांडव
मां काली ने दर्शन देते समय पांडवों को वरदान दिया कि वे हर परिस्थिति में विजय प्राप्त करेंगे. हैरान करने वाली बात ये है कि जब मां काली ने उन्हें वरदान दे दिया था, उस वक्त स्वयं पांडवों को भी नहीं पता था उन्हें युद्द करना पड़ेगा.मंदिर के मुख्य पुजारी भारत भूषण शर्मा के अनुसार, उस समय मंदिर के पास एक गुफा थी, जो अब पूरी तरह बंद हो चुकी है. मान्यता है कि पांडवों ने उसी गुफा में कुछ दिनों तक विश्राम किया था.