Ganga Dussehra: सनातन धर्म में गंगा दशहरा का बहुत महत्व है. इस दिन मां गंगा की पूजा और स्नान किया जाता है. वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर गंगा दशहरा का पर्व हर साल मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन कई शुभ काम करने से शुभ फल मिलता है और पितरों का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है. जीवन में चल रही परेशानियां और संकट भी दूर होते हैं. ज्योतिष गणना के अनुसार,इस बार गंगा दशहरा पर कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं, इस दौरान पूजा और स्नान करने से शुभ फल की प्राप्ति होगी. साथ ही जातकों के जीवन में खुशियों का आगमन होता है. आइए अयोध्या के ज्योतिषी से जानते हैं गंगा दशहरा की तिथि, स्नान और पूजा का शुभ मुहूर्त और दुर्लभ योग के बारे में.
क्या है कहता है पंचांग
अयोध्या के ज्योतिषी पंडित कल्कि राम बताते हैं कि वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि की शुरुआत 4 जून को रात 11:54 बजे से होगी और 6 जून को रात 2:15 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार, 5 जून को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा. इस दिन स्नान और दान का शुभ मुहूर्त सुबह 4:02 से 4:42 तक रहेगा. इसके अलावा, इस दिन रवि योग और सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है, जिसमें पूजा करने से कई गुना फल की प्राप्ति होगी.
कब है गंगा स्नान का शुभ मुहूर्त?
पंडित कल्कि राम बताते हैं कि ज्योतिष गणना के अनुसार 5 जून को सुबह 9:14 तक सिद्धि योग रहेगा. इसके अलावा, सुबह 4:02 से 4:42 तक ब्रह्म मुहूर्त, दोपहर 2:30 से 3:22 तक विजय मुहूर्त और रात 11:59 से 12:40 तक निशिता मुहूर्त रहेगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुभ मुहूर्त में गंगा दशहरा के दिन स्नान और दान करने से मां गंगा की विशेष कृपा प्राप्त होगी और जीवन की परेशानियों से मुक्ति मिलेगी. इस दिन विधि-विधान से मां गंगा की पूजा करने का भी विधान है. भक्त अपनी श्रद्धा अनुसार मां गंगा को चुनरी भी अर्पित करते हैं.