सड़क पर बाइक चलाते समय छोटी सी गलती भी बड़े हादसे में बदल सकती है। हिट एंड रन के मामलों में परेशानी और बढ़ जाती है, क्योंकि टक्कर मारने वाला वाहन अक्सर मौके से निकल जाता है। ऐसे में घटना का वीडियो पुलिस के लिए काफी अहम हो सकता है। हाल ही में गुरुग्राम के एक मामले में भी कैमरे की रिकॉर्डिंग चर्चा में रही, जिससे घटना को समझने में मदद मिली।
बाइक डैशकैम कैसे करता है काम
बाइक पर लगाया गया डैशकैम आमतौर पर सामने की सड़क को लगातार रिकॉर्ड करता है। कुछ कैमरों में आगे और पीछे दोनों तरफ रिकॉर्डिंग की सुविधा भी मिलती है। इसकी खास बात यह है कि इसे बाइक के साथ एक तय जगह पर लगाया जाता है, इसलिए कैमरे का एंगल बार-बार नहीं बदलता। कई डैशकैम में लूप रिकॉर्डिंग भी होती है, जिसमें मेमोरी भरने पर पुरानी वीडियो अपने आप हटती रहती है। टक्कर की स्थिति में कुछ कैमरे संबंधित वीडियो को अलग से सुरक्षित भी कर सकते हैं।
हेलमेट कैमरे का क्या फायदा है
हेलमेट कैमरा राइडर की नजर की दिशा में रिकॉर्डिंग करता है। यानी आप जिस तरफ देख रहे हैं, कैमरा भी उसी तरफ का दृश्य रिकॉर्ड करता है। अगर अचानक कोई वाहन सामने से आता है या रास्ता बदलकर टक्कर मारता है, तो घटना का एंगल काफी उपयोगी हो सकता है। हालांकि सिर घूमने के साथ कैमरे का एंगल भी बदलता रहता है। इसके अलावा बैटरी खत्म होने या रिकॉर्डिंग शुरू करना भूल जाने की समस्या भी हो सकती है।
हिट एंड रन में वीडियो क्यों जरूरी
हादसे के बाद वाहन का नंबर, रंग, मॉडल और भागने की दिशा जैसी जानकारी याद रखना मुश्किल हो सकता है। कैमरे की रिकॉर्डिंग इन चीजों को बाद में देखने का मौका देती है। वीडियो में तारीख और समय दर्ज होना भी मददगार हो सकता है। हालांकि केवल वीडियो होने से मामला अपने आप साबित नहीं हो जाता। जांच में वीडियो की असलियत और बाकी सबूत भी देखे जा सकते हैं।
रिकॉर्डिंग को ऐसे रखें सुरक्षित
अगर हादसा हो जाए तो सबसे पहले अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। इसके बाद कैमरे की ओरिजिनल फाइल को सुरक्षित कर लें। वीडियो को काटने या उसमें बदलाव करने से बचें। जरूरत पड़ने पर वाहन का नंबर, हादसे का समय और जगह भी नोट करें। मेमोरी कार्ड की कॉपी किसी सुरक्षित जगह पर रखना भी काम आ सकता है। इस तरह घटना से जुड़ी जानकारी बाद में आसानी से उपलब्ध रहेगी।
डैशकैम या हेलमेट कैमरा कौन सा चुनें
दोनों कैमरों के अपने फायदे हैं। डैशकैम लगातार और एक तय एंगल से सड़क रिकॉर्ड करने के लिए उपयोगी है, जबकि हेलमेट कैमरा राइडर की नजर के साथ दृश्य रिकॉर्ड करता है। रोजाना बाइक से सफर करने वालों के लिए कैमरा चुनते समय रिकॉर्डिंग क्वालिटी के साथ बैटरी, स्टोरेज, मजबूत माउंट और बारिश से सुरक्षा जैसे फीचर्स भी देखना जरूरी है। सबसे जरूरी बात यह है कि कैमरा ऐसा हो जिसे राइडिंग के दौरान सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल किया जा सके।