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Entertainment News : बॉलीवुड से हॉलीवुड तक अपने हुनर का लोहा मनवा चुकीं ग्लोबल आइकन प्रियंका चोपड़ा ने इस बार का करवा चौथ बेहद खास अंदाज़ में मनाया. अमेरिका में रहते हुए भी उन्होंने इस पारंपरिक त्योहार को पूरे भारतीय रीति-रिवाजों के साथ सेलिब्रेट किया. लेकिन इस बार का करवा चौथ कुछ ज्यादा ही खास बन गया — वजह थी उनके पति निक जोनास का सरप्राइज और सास की ओर से भेजी गई पारंपरिक सरगी.
निक का प्यार भरा सरप्राइज
प्रियंका ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर करवा चौथ की कुछ खूबसूरत तस्वीरें और झलकियां शेयर कीं, जिनमें वे रेड ट्रेडिशनल आउटफिट में बेहद खूबसूरत दिख रही थीं. लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान खींचा निक जोनास के उस सरप्राइज ने, जो उन्होंने अपनी पत्नी के लिए खास तौर पर प्लान किया था. निक ने न सिर्फ प्रियंका के व्रत को लेकर संवेदनशीलता दिखाई, बल्कि चांद निकलने से पहले उनके लिए एक स्पेशल डिनर अरेंज किया, जिसमें उन्होंने खुद भी व्रत के समय तक साथ निभाया। प्रियंका ने लिखा,
> “निक हमेशा मेरे कल्चर को समझने और अपनाने की कोशिश करता है। उसका ये छोटा सा जेस्चर मेरे लिए बहुत बड़ा है.”
सास की भेजी सरगी से जुड़ा भावुक पल
करवा चौथ की शुरुआत सरगी से होती है, और प्रियंका के लिए यह पल उस समय और भी खास बन गया जब उनकी सास यानी निक की मां ने खुद भारत की परंपरा निभाते हुए उनके लिए सरगी का थाल भेजा. प्रियंका ने एक तस्वीर शेयर की जिसमें वह सुबह-सुबह सरगी खाते हुए नजर आ रही हैं. उन्होंने लिखा,
> “मुझे नहीं लगता था कि इतने मीलों दूर रहते हुए भी मैं इस त्योहार को ऐसे मना पाऊंगी। मेरी सास ने जो प्यार और अपनापन दिखाया, वही असली रिश्तों की मिठास है।”
करवा चौथ का सपना हुआ पूरा
प्रियंका ने करवा चौथ के इस अनुभव को अपने जीवन का एक सपना बताया। उन्होंने कहा कि बचपन से उन्होंने अपनी मां और दादी को यह व्रत करते देखा है और हमेशा सोचा करती थीं कि क्या कभी उनका जीवनसाथी भी उनके कल्चर को इतना प्यार देगा.
> “आज जब निक मेरे साथ बैठकर चांद का इंतजार करता है, और मेरी सास सरगी भेजती हैं, तो मुझे लगता है यही मेरा सपना था — एक ऐसा परिवार जो प्यार और सम्मान पर टिका हो।”
संस्कृति और रिश्तों का खूबसूरत संगम
प्रियंका चोपड़ा का ये करवा चौथ सिर्फ एक त्योहार नहीं था, बल्कि ये एक संदेश भी था — कि प्यार और परंपरा की कोई सीमा नहीं होती। चाहे दो अलग-अलग देशों से ताल्लुक क्यों न हो, अगर दिल मिलते हैं तो संस्कृतियों का संगम भी सुंदर बन जाता है.