
Something About Vodafone Advertisement : भारत में जब भी टेलीकॉम विज्ञापनों की बात होती है, तो वोडाफोन (पहले Hutch) के मशहूर विज्ञापन हर किसी को याद आते हैं. चाहे वो "You & I" वाला कुत्ता (पग) हो या फिर बाद के दौर में आए छोटे-छोटे, गोल-मटोल, प्यारे-प्यारे किरदार – जिनका अंदाज़ ही कुछ अलग था. इन छोटे इंसानों जैसे दिखने वाले कैरेक्टर्स ने विज्ञापन की दुनिया में एक नई पहचान बनाई. लेकिन क्या आप जानते हैं कि वोडाफोन के इन विज्ञापन किरदारों को असल में कार्टून समझा जाता है, जबकि वो असल में इंसान थे? आइए जानते हैं इन "ज़ूज़ूज़" (ZooZoos) की पूरी कहानी.
ZooZoos कौन थे?
वोडाफोन के ये मजेदार, सफेद रंग के अजीब से दिखने वाले पात्र असल में कोई एनिमेटेड कार्टून कैरेक्टर नहीं थे. उन्हें ZooZoos कहा जाता है और ये 2009 में वोडाफोन के IPL कैंपेन के दौरान पहली बार सामने आए. इनका उद्देश्य था वोडाफोन की विभिन्न सेवाओं को सरल और मनोरंजक तरीके से दर्शाना.
क्या ZooZoos असली इंसान थे?
हाँ, बिल्कुल। ZooZoos असली इंसान थे, जिन पर खास तरह के सफेद रंग के बॉडी सूट पहनाए गए थे. इन सूट्स को इस तरह से डिज़ाइन किया गया था कि पहनने वाले की पहचान छिप जाए और वह एक काल्पनिक जीव जैसा दिखे. उनके सिर पर बड़ा सा गोल मास्क होता था, जिससे उनका सिर कार्टून की तरह बड़ा दिखाई देता था. इन किरदारों की बॉडी लैंग्वेज और हाव-भाव इतने मजेदार बनाए गए थे कि लोग समझ ही नहीं पाए कि ये असल लोग हैं या एनिमेशन. असल में, ये एक बहुत ही क्रिएटिव थिएटर और डांस आर्टिस्ट्स की टीम थी, जो हर दृश्य में अलग-अलग भूमिकाएं निभाते थे.
ZooZoos का निर्माण कैसे हुआ?
ZooZoos को बनाने का श्रेय Ogilvy & Mather एड एजेंसी को जाता है, जिन्होंने वोडाफोन के लिए ये अनोखा विज्ञापन अभियान तैयार किया. विज्ञापन को प्रभुदेवा की टीम जैसे अनुभवी डांसर और कलाकारों ने शूट किया। ZooZoos को थाईलैंड में शूट किया गया था, और उनके बॉडी मूवमेंट्स को स्लो मोशन जैसा दिखाने के लिए हाई-स्पीड कैमरा तकनीक का उपयोग किया गया था.
ZooZoos की लोकप्रियता क्यों बढ़ी?
उनका लुक बिल्कुल नया और दिलचस्प था.
बिना बोले ही वो बहुत कुछ कह जाते थे, जिससे हर उम्र के लोग उनसे जुड़ गए.
विज्ञापनों में उनके हास्यपूर्ण हाव-भाव और सरलता ने दर्शकों का दिल जीत लिया.
लोगों ने उनकी मिमिक्री करना शुरू कर दिया, सोशल मीडिया पर मीम्स बनने लगे और कई ब्रांड्स ने ऐसी ही स्टाइल कॉपी करने की कोशिश की.
वोडाफोन के विज्ञापनों में नजर आने वाले ZooZoos कार्टून नहीं, बल्कि असल इंसान थे, जिन्होंने बॉडी सूट पहनकर एक यूनिक और मजेदार कैरेक्टर को जिंदा किया. उनकी रचना एक बेहतरीन क्रिएटिव आइडिया और शानदार टीमवर्क का नतीजा थी. यह विज्ञापन न केवल टेलीकॉम इंडस्ट्री में बल्कि भारत की विज्ञापन दुनिया में भी एक मील का पत्थर साबित हुए. ZooZoos ने हमें सिखाया कि बिना शब्दों के भी हम लोगों से जुड़ सकते हैं – बस ज़रूरत है एक अनोखी सोच की.