बुलंदशहर के गुलावठी क्षेत्र के चिड़ावक गांव के निवासी जो कि सीआरपीएफ की 55 बटालियन में सब इंस्पेक्टर थे और दिल्ली में तैनात थे, ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया। सीआरपीएफ 55 बटालियन के जवानों द्वारा राजकीय सम्मान के साथ नम आंखों से सलामी दी गई।
पार्थिव शरीर गांव में लाया गया
जनपद बुलंदशहर का दक और लाल की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। सोमवार को गुलावठी के गांव चिदावक निवासी इस्लामुद्दीन का पार्थिव शरीर गांव में लाया गया। जनपद बुलंदशहर की पुलिस की भी मौजूदगी रही, 1 दिसंबर 2025, दिन सोमवार को सुबह 11 बजकर चालीस मिनट पर गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द ए मिट्टी तदफिन किया गया, इस मौके पर जवानों ने शहीद के सम्मान में 24 तोपों की सलामी देते हुए एक के बाद एक चौबीस फायर किए।
परिजनों में शोक की लहर दौड़ पड़ी
इस मौके पर उनके साथ तैनात रहे साथी जवान ने बताया कि इस्लामुद्दीन मेवाती कर्तव्यों के प्रति बहुत ही कर्तव्यनिष्ठ होने के साथ बहुत ही अच्छे सद व्यवहार के लिए पहचाने जाते थे और पैंतीस साल की ड्यूटी में लंबे समय तक जम्मू कश्मीर में तैनात रहे, इस दौरान दूर दराज के रिश्तेदारों समेत क्षेत्र के हजारों संभ्रांत व्यक्तियों की मौजूदगी रही, सभी ने शहीद के परिवार को सांत्वना दी। वही उनके परिजनों में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। परिजनों ने बताया कि इस्लामुद्दीन को बचपन से ही फौज में जाने का शौक था। उन्होंने फौज में भर्ती के लिए दिन रात एक कर दी थी।