उत्तर प्रदेश के संभल जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित मंडी किशनदास सराय में प्राचीन चतुर्मुख कूप के पास सरकारी जमीन पर कब्रिस्तान बनाए जाने की शिकायत मिली थी. जिला प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए मामले की जांच शुरू की. आइए जानते हैं इस पूरी कार्रवाई के बारे में-
प्रशासन की कार्रवाई
डीएम राजेंद्र पैंसिया और एसडीएम वंदना मिश्रा के निर्देश पर तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार सतेंद्र कुमार, राजस्व विभाग की टीम और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के साथ बुलडोजर की मदद से अवैध कब्रिस्तान को ध्वस्त किया गया. पैमाइश के दौरान पाया गया कि कब्रिस्तान की भूमि के अलावा एक बीघा सरकारी जमीन पर भी कब्रिस्तान बना हुआ था. प्रशासन ने इस सरकारी जमीन पर बने कब्रिस्तान के हिस्से को ढहा दिया और बाउंड्री बनाकर कब्जे में ले लिया.
तहसीलदार ने दी जानकारी
तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने मामले को लेकर बताया कि आलम सराय इलाके में स्थित बंजर भूमि पर कब्रिस्तान बनाकर कब्जा किया गया था. एसडीएम कोर्ट में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट हुआ कि कब्रिस्तान के कुछ हिस्से की भूमि बंजर भूमि यानी सरकारी जमीन है, जिस पर गलत तरीके से कब्जा किया गया था. मामले में मौके पर पहुंचकर 65 एयर भूमि कब्जा मुक्त कराई गई.
अवैध कब्जों के खिलाफ हो रही कार्रवाई
संभल जिले में प्रशासन द्वारा अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. बता दें कि कुछ दिन पहले ही सतीमठ की भूमि पर हुए कब्जे को भी हटवाया गया था. डीएम राजेंद्र पैंसिया ने मामले को लेकर कहा है कि सरकारी और धार्मिक स्थलों की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन सरकारी और धार्मिक भूमि की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसी भी अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं.