मेरठ। कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और पूरे दिन वकीलों में अफरा-तफरी मची रही है। मामले की गंभीरता को देखते एसएसपी ने पुलिस को अलर्ट कर दिया और कचहरी परिसर में अभियान चलाने और चपे-चपे की निगरानी के आदेश दिए। कई थानों की पुलिस ने बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड के साथ कई घंटों तक कचहरी परिसर में सघन चेकिंग अभियान चलाया और संदेह होने पर कई कचहरी परिसर के अंदर खड़े वाहनों की तलाशी भी ली। तीन घंटे तक चले अभियान के दौरान कचहरी परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर पुलिस ने राहत की सांस ली, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को अलर्ट मोड पर है। साथ ही एसएसपी ने धमकी भरे ईमेल की जांच लिए सर्विलांस और क्राइम ब्रांच टीम को लगा दिया।
शुक्रवार को पुलिस-प्रशासन को मेरठ जिला कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल की जानकारी मिली थी। एसएसपी ने अविनाश पांडेय ने तत्काल हाई अलर्ट जारी कर दिया और सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी को कचहरी परिसर में सघन चेकिंग के चलाने के आदेश दिए। सीओ सिविल लाइंस कई थानों की पुलिस के साथ कचहरी पहुंचे और चेकिंग के लिए बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड को भी बुला लिया। ताकि संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके। सीओ सिविल लाइंस के नेतृत्व में पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डाग स्क्वायड ने तीन घंटे तक चेकिंग अभियान चलाया, लेकिन पुलिस को कोई भी संदिग्ध वस्तु कचहरी परिसर से नहीं मिली।
पूरे दिन कचहरी परिसर में रहा अफरा-तफरी का माहौल
कचहरी परिसर में बम निरोधक दस्ते और डाग स्क्वायड की टीम को देखकर अधिवक्ता सकते में आ गए थे, जब उन्हें जानकारी मिली जिला परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इससे अधिवक्ताओं हड़कंप और मुवक्किलों में अफरा-तफरी मच गई थी, क्योंकि चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर कचहरी के सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी और हर आने-जाने वाले की तलाशी ली। इस दौरान अधिवक्ताओं और कोर्ट परिसर में काम करने वाले कर्मचारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए थे और किसी लावारिस वस्तु के मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की अपील की थी।
लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या व मिर्जापुर को मिली थी धमकी
मेरठ कचहरी परिसर को ही नहीं, बल्कि ईमेल के माध्यम से लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या और मिर्जापुर जिले की कचहरी को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसके बाद से पुलिस अलर्ट मोड पर है। लखनऊ के बैठे आला अफसर भी पांचों जिलों के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे दिन की मामले की जानकारी लेते रहे।
ईमेल की जांच के लिए सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया गया है। ताकि पता चल सके कि ईमेल कहां से भेजा गया था और इसके पीछे कौन हैं। साथ ही कचहरी परिसर में हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वह अफवाह पर ध्यान न देने। संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति के दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
-अविनाश पांडेय, एसएसपी।