मुजफ्फरनगर। जनपद में चर्चित रहे अधिवक्ता समीर सैफी की अपहरण के बाद हत्या कर शव को करीब तीस किलोमीटर दूर सीकरी गांव के जंगल में जमीन में दबाने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (नंबर-3) के पीठासीन अपर सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने तीन अभियुक्तों को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है, जबकि हत्या के बाद शव को जमीन में दबाने में सहयोग करने के मामले में एक आरोपी को सात साल कैद की सजा दी है। कोर्ट ने इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी सिंगोल अलवी पर दस लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जबकि दो अन्य अभियुक्तों पर एक एक लाख रुपए का अर्थदंड लगाया गया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी करने वाले जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप कुमार और मृतक अधिवक्ता के पिता वादी अजहर की ओर से पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल जिंदल एवं कुमारपाल सैनी ने बताया कि नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लद्दावाला निवासी अधिवक्ता समीर सैफी 15 अक्तूबर 2019 की शाम संदिग्ध हालात में लापता हो गए थे। इस मामले में समीर सैफी के पिता ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शुरुआत में पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन कचहरी परिसर में जब अधिवक्ताओं ने अपने साथी के गायब होने पर हंगामा किया तो कोतवाली पुलिस हरकत में आई और लापता समीर सैफी के दोस्त सिंगोल अलवी व उसके दो साथियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो पता चला कि उन्होंने समीर सैफी की 40 लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में हत्या कर उसके शव को भोंपा थाना क्षेत्र के ग्राम सीकरी में मुर्गी फार्म के निकट जमीन में दबा दिया है। अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना के चार दिन बाद 19 अक्तूबर को भोपा क्षेत्र के सीकरी से शव बरामद कर लिया था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि 40 लाख के लेन-देन के विवाद में अधिवक्ता का अपहरण कर हत्या की वारदात अंजाम दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में कोतवाली क्षेत्र के बकरा मार्केट निवासी सोनू उर्फ रिजवान, सिंगोल अल्वी, शालू उर्फ अरबाज को अपहरण एवं हत्या कर शव गायब करने तथा भोपा के सीकरी निवासी दिनेश को शव जमीन में दबाने में सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया था
अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में कुल छह गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयान एवं पत्रावली पर उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फास्ट ट्रैक कोर्ट( नंबर तीन) के पीठासीन अपर सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने इस मामले में शनिवार को आरोपियों को दोषी मानकर सजा के प्रश्न पर सुनवाई के लिए सोमवार 6 अप्रैल की तारीख नियत की थी। अदालत ने सोमवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सजा के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए मुख्य आरोपी सिंगोल अली, सोनू उर्फ रिजवान, शालू उर्फ अरबाज को हत्याकांड में फांसी की सजा सुनाई। चौथे आरोपी दिनेश को शव छिपाने में सहयोग करने के आरोप में सात साल की सजा सुनाई है।
यह था समीर सैफी हत्याकांड का पूरा मामला
शहर कोतवाली पुलिस ने खुलासा किया था कि गायब अधिवक्ता समीर सैफी का आरोपियों के साथ करीब 40 लाख रुपये के लेन-देन का विवाद था। मृतक अधिवक्ता अपने रुपये मांग रहा था लेकिन आरोपियों ने देने से मना कर दिया और उसकी हत्या की साजिया रची। सिंगोल उर्फ अलवी, सोनू उर्फ रिजवान एवं शालू उर्फ अरबाज ने शहर से समीर सैफी का अपहरण कर कार में ले जाकर भोपा क्षेत्र के सीकरी फार्म पर रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और सीकरी निवासी नौकर दिनेश के सहयोग से शव को मिट्टी में दबा दिया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया था।
हत्या की घटना के दिन ही हुआ था चैंबर क उद्घाटन
अधिवक्ता समीर सैफी वकालत में बिल्कुल नया आया था और उसे घटना के दिन ही कचहरी परिसर में जिला बार संघ की ओर से चैंबर का आवंटन किया था, जिसका उसने सुबह ही उद्घाटन कर मिठाई बांटी थी। शाम होते होते अभियुक्तों ने उसी दिन समीर की अपहरण के बाद हत्या कर शव को शहर से करीब तीस किलोमीटर दूर ले जाकर जमीन में दबा दिया था।
किसे क्या सुनाई गई सजा
दोषी सिंगोल अल्वी, सोनू उर्फ रिजवान एवं शालू उर्फ अरबाज को अपहरण, हत्या, साजिश और साक्ष्य मिटाने में दोषी पाया गया। तीनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई। i कोर्ट ने सिंगोल अलवी पर दस लाख रुपए का और दोनों अन्य आरोपियों पर एक एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। इसके अलावा धारा 364 में सिंगोल अलवी, सोनू उर्फ रिजवान एवं शालू उर्फ अरबाज को उम्रकैद की सजा और प्रत्येक पर एक एक लाख रुपए अर्थदंड की सजा कोर्ट ने सुनाई है। दोषी दिनेश पर साक्ष्य मिटाने का आरोप साबित हुआ। सात साल की सजा सुनाई गई।
समीर हत्याकांड : कब क्या हुआ
15 अक्तूबर 2019 : अधिवक्ता समीर सैफी संदिग्ध हालात में लापता।
16 अक्तूबर 2019 : वादी अजहर ने बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई। कचहरी में अधिवक्ताओं ने साथी अधिवक्ता के गायब होने पर रोष जताया।
16 अक्तूबर 2019 : पुलिस ने गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम कर लापता सलीम सैफी के दोस्त सिंगोल अलवी समेत तीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की
19 अक्तूबर 2019 : हिरासत में लिए गए अभियुक्तों की निशानदेही पर भोपा क्षेत्र के गांव सीकरी में जमीन में दबा हुआ समीर सैफी का शव बरामद। नौकर दिनेश भी गिरफ्तार
30 जनवरी 2020 : कोर्ट ने पुलिस द्वारा हत्याकांड में दिए गए आरोपपत्र पर संज्ञान लिया
04 अप्रैल 2026 : फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर तीन में समीर सैफी हत्याकांड में चार आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ।
06 अप्रैल 2026 : समीर सैफी हत्याकांड में तीन अभियुक्तों को फांसी की सजा सजा और एक अभियुक्त को सात साल की कैद की सजा सुनाई गई।