कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों और हौंसले बुलंद, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता। ऐसा ही कुछ जौनपुर की तीन बेटियों ने करके दिखाया है। जिसकी चर्चा सिर्फ जिला ही नहीं प्रदेशभर में हो रही है।जौनपुर जिले के एक छोटे से गांव अजोसी की तीन सगी बहनों – खुशबू, कविता और सोनाली चौहान – ने, जो एक साथ उत्तर प्रदेश पुलिस में चयनित होकर खाकी वर्दी पहनने जा रही हैं। इनकी सफलता न सिर्फ परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि जिले और प्रदेश के लिए भी प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।
एक ही गांव से तीन सिपाही
सिपाही भर्ती में सिलेक्ट होने वाली तीनों बहनें मड़ियाहूं तहसील के अजोसी गांव की रहने वाली हैं। तीनों की सफलता से न केवल इनके माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि गांव, समाज और जिले का भी मान बढ़ाया है। इन बहनों की मेहनत, लगन और संकल्प अब हर ग्रामीण बेटी के लिए प्रेरणा बन गया है।
पढ़ाई के साथ खेलों में भी दम
सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि खेलों में भी इन बहनों ने अपना दम दिखाया। खुशबू चौहान खो-खो की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी रही हैं।कविता चौहान ने कबड्डी में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। वहीं सोनाली चौहान, जो सबसे छोटी हैं, उन्होंने कंट्री रेस में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर रफ्तार की मिसाल पेश की है।
विरासत से मिली प्रेरणा
खेलों में सक्रिय रहने के कारण तीनों बहनों का मानसिक और शारीरिक विकास ऐसा हुआ कि वे पुलिस जैसी चुनौतीपूर्ण सेवा के लिए पूरी तरह तैयार रहीं। इनके पिता स्वतंत्र कुमार चौहान, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी इंद्रपाल चौहान के पुत्र हैं। देशभक्ति और सेवा का भाव इन्हें विरासत में मिला, जिसने इन बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। यही कारण है कि इन तीनों ने नारी शक्ति की अनूठी मिसाल पेश करते हुए खाकी वर्दी को चुना।
सीएम योगी कर चुके सम्मानित
हाल ही में लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर कविता चौहान को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। हालांकि दस्तावेजी कारणों से खुशबू और सोनाली को मंच पर नहीं बुलाया जा सका, लेकिन इन्हें प्रशिक्षण केंद्र पर नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
पूरे गांव में जश्न का माहौल
इस सफलता के बाद पूरे अजोसी गांव में जश्न का माहौल है। लोग चौहान परिवार की बेटियों को बधाइयाँ दे रहे हैं। गांव की महिलाएं और लड़कियां अब इन्हें अपनी रोल मॉडल मान रही हैं। तीन बहनों का एक साथ पुलिस सेवा में चयन एक ऐसी मिसाल बन गया है, जिससे गांव की बेटियों को नई दिशा और उम्मीद मिली है।