बलूचिस्तान में जबरन लोगों को गायब किए जाने के आरोपों के बीच तीन और नागरिकों के लापता होने का मामला सामने आया है। मानवाधिकार संगठनों ने बुधवार को आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने तीन नागरिकों को हिरासत में लेकर उन्हें गायब कर दिया है।
सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया
मानवाधिकार संगठन पांक (जो बलोच नेशनल मूवमेंट का मानवाधिकार विभाग है) ने दावा किया कि 28 वर्षीय माहिर मजार और 28 वर्षीय जमशैर बलोच को मंगलवार तड़के केच जिले के तुर्बत क्षेत्र से कथित तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया और बाद में उनका कोई पता नहीं चला।
मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन
संगठन के अनुसार, दोनों डॉक्टरों के ठिकाने, उनकी सुरक्षा और कानूनी स्थिति के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। उनके परिवारों को भी उनसे संपर्क करने या कोई सूचना प्राप्त करने की अनुमति नहीं दी गई है। पांक ने कहा कि किसी व्यक्ति को उसके घर से उठाकर उसकी स्थिति और ठिकाने को छिपाना 'जबरन गुमशुदगी' की श्रेणी में आता है और यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। संगठन का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों, विशेष रूप से नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय वाचा के तहत मिले स्वतंत्रता, सुरक्षा, निष्पक्ष प्रक्रिया और मनमानी हिरासत से संरक्षण जैसे अधिकारों का उल्लंघन है।
रात के समय छापेमारी
संगठन ने पाकिस्तानी अधिकारियों से दोनों डॉक्टरों के बारे में तत्काल जानकारी सार्वजनिक करने, उन्हें परिवार और कानूनी सहायता तक पहुंच देने तथा बिना देरी के रिहा करने की मांग की है।पांक ने बलूचिस्तान में रात के समय छापेमारी, मनमानी गिरफ्तारियों और जबरन गुमशुदगी की घटनाओं को तत्काल रोकने की भी मांग की है।
मूलभूत अधिकारों की रक्षा
संगठन का कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जवाबदेही तय की जानी चाहिए और प्रभावित लोगों के मूलभूत अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।वहीं, एक अन्य मानवाधिकार संगठन बलोच वॉयस फॉर जस्टिस ने आरोप लगाया कि कादिर बख्श बलोच को 6 सितंबर को बागबाना से खुजदार जाते समय सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया और बाद में अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
जबरन गुमशुदगी का शिकार हुए
बीवीजे के अनुसार, यह तीसरी बार है जब कादिर बख्श बलोच कथित रूप से जबरन गुमशुदगी का शिकार हुए हैं। इससे पहले भी उन्हें दो अलग-अलग मौकों पर हिरासत में लेकर गायब किए जाने का आरोप लगाया गया था।
स्थानीय लोगों में चिंता
संगठन ने कादिर बख्श बलोच की तत्काल, सुरक्षित और बिना शर्त रिहाई की मांग की है। साथ ही पाकिस्तानी अधिकारियों से उनके ठिकाने की जानकारी जल्द सार्वजनिक करने का आग्रह किया है। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि बलूचिस्तान में पिछले कुछ समय से कथित न्यायेतर हत्याओं और जबरन गुमशुदगी की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।