Bulandshahr News: 10 साल पहले हुई टैंकर ड्राइवर की लूट के बाद हत्या के मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास के साथ 18500-18500 रुपये का अर्थदंड लगाया है।
काली नदी में युवक का शव पड़ा मिला
जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल उपाध्याय ने बताया कि गुलावठी के गांव आसिफाबाद चंदपुरा निवासी तौसीफ ने पुलिस को शिकायत देकर अपने भाई हसरत की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बताया था कि उसका भाई गुलावठी स्थित निजी डेयरी के लिए टैंकर से डिबाई से दूध लेकर आता था। बताया कि पांच नवंबर 2015 से उसके भाई का कोई पता नहीं है। इसी दौरान नगर कोतवाली क्षेत्र में काली नदी में एक युवक का शव पड़ा मिला था। मृतक की शिनाख्त हसरत निवासी आसिफाबाद चंदपुरा के तौर पर हुई थी।
ये चीजें की बरामद
पुलिस ने जांच पड़ताल की तो गुलवीर, आकाश, प्रशांत शर्मा, गुल मोहम्मद और जितेंद्र के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को नगर के डीएवी तिराहे के पास से गिरफ्तार किया था। जबकि 22270 लीटर दूध से भरा टैंकर हापुड़ से बरामद किया गया था। आरोपियों ने पूछताछ में लूट के बाद हत्या को अंजाम देना स्वीकार किया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का वोटर कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल फोन बरामद किया था।
आजीवन कारावास की सजा सुनाई
एडीजीसी केशव देव शर्मा और ईशान चौधरी ने बताया कि प्रकरण में कुल छह गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अब शनिवार को सत्र न्यायाधीश संजय कुमार की कोर्ट ने लूट के बाद हत्या के मामले में आरोपी प्रशांत शर्मा, आकाश और गुलवीर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों दोषियों पर 18500-18500 रुपये का अर्थदंड लगाया है।