हत्या के मामले में कोर्ट ने बाप-बेटे समेत तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। बहसूमा पुलिस ने बताया, 27 फरवरी को तजपुरा गांव निवासी नरेंद्र ने एक मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें बताया था कि गांव के ही सुशील उसके बेटे हेमंत व मधुसूदन पुत्र अशोक ने मिलकर उनके भाई सतीश की पानी में डूबोकर हत्या कर दी है।
तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया था
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया था। मुकदमे की विवेचना त्कालीन थाना प्रभारी अमर सिंह ने की और तीनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-दो के न्यायाधीश की अदालत में हुई।
सजा और दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड
थाना प्रभारी ने बताया, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत एसएसपी डा. विपिन ताडा ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा कराने के लिए कोर्ट में प्रभावी पैरवी के आदेश दे रखे है। इस मामले में कांस्टेबल एवं कोर्ट पैरोकार जितेंद्र ने नियत तिथि पर कोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज कराए। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने साक्ष्य व गवाहों के बयानों के आधार सुशील उसके बेटे हेमंत व मधुसूदन को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा और दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।