Tiger Shroff Firing: मुंबई को मायानगरी कहा जाता है। हर साल हजारों लोग यहां बड़े सपने लेकर आते हैं। किसी को फिल्मों में काम करना होता है, तो कोई अपने हुनर के दम पर पहचान बनाना चाहता है। लेकिन इसी शहर में जब फिल्मी सितारों के घरों और गाड़ियों को निशाना बनाया जाने लगे, तो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी ने एक बार फिर इसी चिंता को बढ़ा दिया है।
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग से बढ़ी चिंता
रविवार, 18 अक्टूबर 2026 की शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चलाईं। अभिनेता इस घटना में सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर समेत दो लोग घायल हो गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलावर बाइक पर आए थे और वारदात के बाद फरार हो गए। घटना के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों के नाम से हमले की जिम्मेदारी लेने वाला पोस्ट भी सामने आया। हालांकि, इस दावे की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पहले भी निशाने पर आ चुके हैं बॉलीवुड सितारे
यह पहली बार नहीं है, जब बॉलीवुड की किसी बड़ी हस्ती को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी हुई थी। इसके बाद अभिनेता के करीबी माने जाने वाले एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या कर दी गई। साल 2026 में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर के बाहर भी फायरिंग की घटना सामने आई थी। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सलमान खान के घर के बाहर हुई थी गोलीबारी
14 अप्रैल 2024 को मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर दो बाइक सवार हमलावरों ने फायरिंग की थी। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की। जांच के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कथित तौर पर जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई। इस मामले में विक्की गुप्ता और सागर पाल के नाम भी सामने आए थे। सलमान खान को इससे पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी थीं। उनके घर के बाहर हुई गोलीबारी ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि जब हाई-प्रोफाइल लोगों की सुरक्षा को लेकर खास इंतजाम किए जाते हैं, तो ऐसे हमलों को रोकने में मुश्किलें क्यों आ रही हैं।
बाबा सिद्दीकी की हत्या से मचा था हड़कंप
12 अक्टूबर 2024 को मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों से लेकर फिल्म जगत तक हलचल मचा दी थी। बाबा सिद्दीकी को सलमान खान का करीबी माना जाता था और दोनों के बीच अच्छे संबंध थे। मामले की जांच में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कथित संबंध रखने वाले कई लोगों के नाम सामने आए। सलमान खान से बाबा सिद्दीकी की नजदीकी को भी संभावित वजह के तौर पर देखा गया, हालांकि किसी भी मकसद को लेकर जांच में सामने आए तथ्यों और पुलिस के निष्कर्षों को ही आधार माना जाना चाहिए।
रोहित शेट्टी के घर के बाहर भी चली थीं गोलियां
फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर 1 फरवरी 2026 की रात फायरिंग हुई थी। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई और पुलिस ने जांच शुरू की। सोशल मीडिया पर सामने आए एक पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े होने का दावा करने वाले लोगों ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस की जांच में इस मामले में कथित तौर पर गिरोह से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई। मई 2026 में दाखिल चार्जशीट के मुताबिक, हमले का मकसद गिरोह का दबदबा कायम करना बताया गया। इस घटना ने भी फिल्म जगत से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
अब टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग
मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर 2026 को हुई गोलीबारी ने इन पुराने मामलों की याद फिर ताजा कर दी है। टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे, तभी उनकी कार को निशाना बनाया गया। अभिनेता को चोट नहीं आई, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर है। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक दावे में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े लोगों ने हमले की जिम्मेदारी लेने के साथ सलमान खान के साथ काम करने वालों को भी धमकी दी। फिलहाल इस दावे की प्रामाणिकता और हमले में गिरोह की वास्तविक भूमिका की जांच की जा रही है।
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आखिर क्यों बार-बार निशाने पर आ रहे हैं फिल्मी सितारे?
इन घटनाओं के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि मुंबई जैसे महानगर में अपराधियों के हौसले इतने बढ़ कैसे रहे हैं। सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी, बाबा सिद्दीकी की हत्या, रोहित शेट्टी के घर पर हमला और अब टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग जैसी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाई है। रोहित शेट्टी के घर पर हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस की चार्जशीट में गिरोह का दबदबा स्थापित करने की बात सामने आई थी। वहीं, टाइगर श्रॉफ के मामले में हमले की जिम्मेदारी लेने वाले सोशल मीडिया पोस्ट की पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में सभी घटनाओं के पीछे एक ही मकसद होने का निष्कर्ष निकालने के बजाय जांच के नतीजों का इंतजार करना जरूरी है।
फिर भी, एक के बाद एक सामने आ रही ऐसी वारदातें पुलिस के सामने बड़ी चुनौती पेश करती हैं। फिल्मी सितारों को धमकियां देना, उनके घरों के बाहर गोलीबारी करना और चर्चित लोगों पर हमले की जिम्मेदारी लेकर डर का माहौल बनाने की कोशिश करना सिर्फ मनोरंजन जगत का मामला नहीं है। यह शहर की सुरक्षा और कानून का डर बनाए रखने से भी जुड़ा सवाल है। अब देखना होगा कि मुंबई पुलिस इन मामलों में शामिल लोगों तक कितनी जल्दी पहुंचती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।