MP Tiger Translocation: वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम, एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत हो रही तैयारी मध्य प्रदेश के बाघ अब दूसरे राज्यों के जंगलों में भी अपनी दहाड़ गूंजाएंगे। एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत राज्य के 10 बाघों को ओडिशा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ भेजा जा रहा है। करीब 15 दिन पहले हुई राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति दी गई थी, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इसकी मंजूरी दी थी। अब बाघों की शिफ्टिंग प्रक्रिया को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। तीनों राज्यों को एमपी की ओर से पत्र भेजकर टाइगर ट्रांसलोकेशन की तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
कहां से जाएंगे एमपी के बाघ
वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के कान्हा, पेंच और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से कुल 10 बाघों को ट्रांसलोकेट किया जाएगा। इसके लिए विशेष निगरानी और ट्रैकिंग सिस्टम तैयार किए जा रहे हैं। हर बाघ पर रेडियो कॉलर लगाया जाएगा ताकि उसकी मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा सके। साथ ही नए स्थानों पर बाघों के लिए अलग बाड़ा, पानी के स्रोत और शिकार की उपलब्धता जैसी जरूरी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं।
दूसरे राज्यों से आएंगे खास जानवर
इस एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत केवल बाघ ही नहीं भेजे जाएंगे, बल्कि दूसरे राज्यों से भी विशेष प्रजातियों को मध्य प्रदेश लाया जाएगा। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को असम से एक सींग वाले गैंडे (One-horned Rhino) लाने की योजना पर काम करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए असम सरकार से भी प्राथमिक स्तर पर बातचीत शुरू हो चुकी है।
संरक्षण और जैव विविधता का उद्देश्य
इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य बाघों की आबादी को सुरक्षित क्षेत्रों में फैलाना, आनुवंशिक विविधता बनाए रखना और विभिन्न राज्यों में पारिस्थितिक संतुलन को मजबूत करना है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह पहल देश में वाइल्डलाइफ संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।