INDIA bloc rally : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली INDIA ब्लॉक की बड़ी रैली को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में विपक्ष के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है। रैली में भारी भीड़ जुटने के अनुमान को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया है। पूरे आयोजन स्थल को 14 सुरक्षा जोन में बांटा गया है, जबकि निगरानी के लिए 200 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरे, ड्रोन और आधुनिक निगरानी उपकरणों की भी मदद ली जाएगी। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुद तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं।
4 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा की जिम्मेदारी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, रैली के दौरान 4,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। इनके साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कंपनियां भी सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करेंगी। रामलीला मैदान के 14 सुरक्षा जोन में से प्रत्येक की निगरानी असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) रैंक के अधिकारी करेंगे। वहीं, वरिष्ठ अधिकारी पूरे आयोजन की निगरानी करेंगे। पुलिसकर्मियों की तैनाती केवल रामलीला मैदान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रैली के संभावित मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भी अतिरिक्त सुरक्षा बल मौजूद रहेंगे। इसका उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करने के साथ किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को रोकना है।
200 से ज्यादा CCTV कैमरे और बॉडी कैमरों से निगरानी
रैली की सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक की भी अहम भूमिका होगी। रामलीला मैदान और उसके आसपास 200 से अधिक CCTV कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। पुलिसकर्मियों को बॉडी-वॉर्न कैमरे दिए जाएंगे, ताकि मौके पर होने वाली गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की जा सके। इसके अलावा ड्रोन और निगरानी उपकरणों से भीड़ की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। मैदान के भीतर कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से कैमरों की लाइव फुटेज की निगरानी की जाएगी। प्रवेश और निकास द्वारों पर विशेष सुरक्षा जांच होगी। मेटल डिटेक्टर के जरिए लोगों की जांच करने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी।
कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक प्रस्तावित मार्च
इस रैली में कांग्रेस समेत INDIA ब्लॉक के कई घटक दलों के नेताओं के शामिल होने की संभावना है। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेताओं के नाम प्रमुख रूप से चर्चा में हैं। कार्यक्रम की शुरुआत कनॉट प्लेस से प्रस्तावित मार्च के साथ होगी, जो मिंटो रोड जंक्शन और अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगा। विपक्षी दलों ने इस आयोजन को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ अपने विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनाया है। INDIA ब्लॉक के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं। पुलिस ने भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोजकों के साथ समन्वय किया है।
सुबह 10 से शाम 5 बजे तक यातायात पर असर
रैली को देखते हुए दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। 1 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आईटीओ, दिल्ली गेट, राजघाट, अजमेरी गेट और तुर्कमान गेट सहित कई इलाकों में ट्रैफिक प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे। बहादुर शाह जफर मार्ग, जवाहरलाल नेहरू मार्ग, मिंटो रोड और देशबंधु गुप्ता रोड के आसपास वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अस्पतालों की ओर जाने वाली एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। पुलिस का प्रयास है कि राजनीतिक आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहे और आम लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।