Tikamgarh News, Nandi Scooter, Haridwar Ganga Jal ---मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में सावन के दौरान भगवान भोलेनाथ की भक्ति का अनोखा अंदाज देखने को मिला। बैसा गांव के रहने वाले अरविंद ने अपने स्कूटर को नंदी का स्वरूप दिया और इसी वाहन से हरिद्वार तक करीब 1600 किलोमीटर का सफर तय किया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटे अरविंद ने बुधवार को अपने गांव के चंद्रेश महादेव का जलाभिषेक किया। उनकी अनोखी भक्ति लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
स्कूटर को दिया नंदी का रूप
अरविंद ने भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था को अलग अंदाज में दिखाने के लिए अपने स्कूटर को नंदी का स्वरूप दिया। स्कूटर की बॉडी को सफेद रंग के मुलायम और रोएदार कवर से ढका गया है, जिससे वह देखने में नंदी जैसा नजर आता है। स्कूटर की हेडलाइट के हिस्से को भी इस तरह तैयार किया गया है कि वहां नंदी महाराज का खुला मुंह दिखाई देता है। सड़क पर इस अनोखे स्कूटर को देखकर लोगों का ध्यान भी आसानी से उसकी ओर चला जाता है।
हरिद्वार से गंगाजल लाने का लिया था प्रण
ग्राम बैसा निवासी अरविंद ने सावन के महीने में प्रण लिया था कि वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर आएंगे और अपने गांव के चंद्रेश महादेव का उसी जल से अभिषेक करेंगे।इसी संकल्प को पूरा करने के लिए वह अपने नंदी रूपी स्कूटर से हरिद्वार के लिए रवाना हुए। उन्हें एक तरफ से करीब 800 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा। आने-जाने में कुल दूरी करीब 1600 किलोमीटर रही।
पूरे रास्ते करते रहे ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप
अरविंद के मुताबिक, सफर के दौरान वह लगातार ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते रहे। उनका कहना है कि भक्ति में मन लगा होने की वजह से उन्हें लंबा सफर भी ज्यादा मुश्किल नहीं लगा।हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने के बाद उन्होंने बुधवार को अपने गांव पहुंचकर चंद्रेश महादेव का जलाभिषेक किया और क्षेत्र में सुख-शांति की कामना की।
दो-तीन दिन में तैयार होता है नंदी स्कूटर
अरविंद ने बताया कि स्कूटर को नंदी का रूप देने में करीब दो से तीन दिन का समय लगता है। इसे तैयार करने में लगभग 10 हजार रुपये का खर्च आता है।स्कूटर पर लगाए गए सफेद रोएदार कवर और नंदी के स्वरूप ने इसे काफी अलग बना दिया है। अब अरविंद का यह नंदी स्कूटर स्थानीय लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।