दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Apple से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां लंबे समय से सीईओ रहे Tim Cook अब अपने पद से हटने जा रहे हैं। करीब 15 साल तक कंपनी की कमान संभालने के बाद टिम कुक 1 सितंबर 2026 को सीईओ पद छोड़ देंगे। उनकी जगह John Ternus नए सीईओ के तौर पर कार्यभार संभालेंगे। इस बदलाव ने पूरी टेक इंडस्ट्री में हलचल पैदा कर दी है और हर कोई उनके कार्यकाल और कमाई पर नजर डाल रहा है।
नेटवर्थ ने किया सबको हैरान
टिम कुक की संपत्ति को लेकर सामने आए आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। फोर्ब्स के मुताबिक उनकी कुल नेटवर्थ करीब 2.9 बिलियन डॉलर यानी लगभग 24000 करोड़ रुपये है। उनका सालाना पैकेज करीब 63 मिलियन डॉलर यानी लगभग 525 करोड़ रुपये रहा है। उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा एप्पल के शेयरों से आता है। उनके पास कंपनी के 30 लाख से ज्यादा शेयर मौजूद हैं, जिनकी कीमत लगातार बढ़ती रही है।
एप्पल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया
जब टिम कुक ने साल 2011 में सीईओ का पद संभाला था, तब एप्पल की मार्केट वैल्यू करीब 350 बिलियन डॉलर थी। आज यह बढ़कर करीब 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है। उनके नेतृत्व में कंपनी ने जबरदस्त ग्रोथ हासिल की और टेक इंडस्ट्री में अपनी पकड़ और मजबूत की। साल 2011 में कंपनी का राजस्व करीब 108 बिलियन डॉलर था, जो अब कई गुना बढ़ चुका है।
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स्टीव जॉब्स के बाद संभाली जिम्मेदारी
टिम कुक ने एप्पल की कमान ऐसे समय में संभाली थी जब कंपनी के संस्थापक Steve Jobs का निधन हुआ था। उस समय कंपनी के भविष्य को लेकर कई सवाल उठ रहे थे, लेकिन कुक ने अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से एप्पल को नई दिशा दी। उन्होंने करीब 28 साल तक कंपनी के साथ काम किया और अपने फैसलों से इसे लगातार आगे बढ़ाया।
डिवाइस इकोसिस्टम में भी बड़ा विस्तार
टिम कुक के कार्यकाल में एप्पल के एक्टिव डिवाइसेज की संख्या 2.5 बिलियन के पार पहुंच गई। आईफोन, मैक, आईपैड और अन्य प्रोडक्ट्स ने बाजार में मजबूत पकड़ बनाई। कंपनी ने न सिर्फ हार्डवेयर बल्कि सर्विस सेक्टर में भी अपनी स्थिति मजबूत की, जिससे उसकी कमाई के नए रास्ते खुले।
विदाई के बाद भी रहेगा प्रभाव
हालांकि टिम कुक सीईओ पद छोड़ रहे हैं, लेकिन उनका प्रभाव कंपनी पर बना रहेगा। वे आगे भी कंपनी से जुड़े रहेंगे और नई भूमिका में अपनी रणनीतिक सोच से एप्पल को दिशा देते रहेंगे। उनके इस लंबे कार्यकाल ने यह साबित कर दिया कि सही नेतृत्व के दम पर कोई भी कंपनी नई ऊंचाइयों को छू सकती है और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है।