TMC Symbol Dispute SC : तृणमूल कांग्रेस के नाम और पारंपरिक ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने चुनाव आयोग को विवाद का अंतिम फैसला चार महीने के भीतर करने को कहा है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को चार सप्ताह के भीतर अपनी दलीलें और जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद चुनाव आयोग को तीन महीने में मामले का निपटारा करना होगा।
चार महीने में विवाद का निपटारा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर बनी मौजूदा स्थिति अनिश्चित समय तक जारी नहीं रह सकती। अदालत ने दोनों गुटों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर देने के साथ प्रक्रिया को समयबद्ध रखने पर जोर दिया। चुनाव आयोग ने मामले के निपटारे के लिए छह महीने का समय मांगा था, लेकिन अदालत ने यह मांग स्वीकार नहीं की और चार महीने की समयसीमा तय की।
ममता की याचिका पर हुई सुनवाई
यह आदेश ममता बनर्जी की उस याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले को चुनौती दी थी। आयोग ने गुटीय विवाद के बीच TMC के मूल नाम और ‘फूल और घास’ चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी। ममता गुट ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इससे पहले 24 सितंबर को कोर्ट ने आयोग से यह बताने को कहा था कि वह विवाद पर अंतिम फैसला कितने समय में ले सकता है।
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दोनों गुटों को मिले नए नाम-चिह्न
चुनाव आयोग के अंतरिम इंतजाम के तहत ममता बनर्जी के गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Football Player’ चुनाव चिह्न दिया गया है। वहीं दूसरे गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम और ‘Envelope’ चिह्न आवंटित किया गया है। यह व्यवस्था आगामी उपचुनावों के मद्देनजर की गई है, जबकि मूल नाम और चुनाव चिह्न पर अंतिम विवाद अभी बाकी है।
अंतिम निपटारे का फैसला
अब दोनों गुटों को चार सप्ताह के भीतर चुनाव आयोग के सामने अपने दस्तावेज और दलीलें दाखिल करनी होंगी। इसके बाद आयोग को तीन महीने में यह तय करना होगा कि TMC के मूल नाम और ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न का अधिकार किसे दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से बचने को कहा है। इस फैसले के बाद विवाद के अंतिम निपटारे के लिए समयसीमा तय हो गई है।