TMC NAME & SYMBOL ROW: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के बाद ऋतब्रत बनर्जी गुट ने शुक्रवार को नए पार्टी नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प आयोग को सौंप दिए। इससे पहले ममता बनर्जी गुट भी अपनी पसंद के नाम और चिह्न की जानकारी दे चुका है। अब दोनों पक्षों के विकल्पों पर चुनाव आयोग का फैसला अहम होगा।
ऋतब्रत गुट ने भेजे तीन नाम
ऋतब्रत बनर्जी गुट ने नए नामों के तौर पर नेशनलिस्ट तृणमूल कांग्रेस, डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल तृणमूल कांग्रेस के विकल्प दिए हैं। इसके साथ ही गुट ने ब्लैक बोर्ड, लिफाफा और टॉर्च को चुनाव चिह्न के विकल्प के तौर पर रखा है। ये नाम और चिह्न चुनाव आयोग को तय समय सीमा के भीतर सौंपे गए हैं।
ममता गुट भी दे चुका है विकल्प
इससे पहले ममता बनर्जी गुट ने भी चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के बाद अपनी पसंद के तीन पार्टी नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प भेजे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने आयोग के आदेश पर आपत्ति भी दर्ज कराई है। आयोग ने दोनों गुटों को नए नाम और फ्री सिंबल की अपनी-अपनी पसंद बताने के लिए कहा था।
EC ने TMC के नाम-चिह्न पर लगाई रोक
चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी करते हुए दोनों गुटों को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नाम और उसके आरक्षित फूल और घास चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया। आयोग के मुताबिक, दोनों पक्ष पार्टी पर अपना दावा कर रहे हैं और मामले में अंतिम निर्णय के लिए विस्तृत निर्धारण की जरूरत है। फिलहाल यह व्यवस्था आगामी उपचुनावों के लिए लागू की गई है।
नंदीग्राम और रेजिनगर में उपचुनाव
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। दोनों गुटों ने इन चुनावों के लिए उम्मीदवार उतारे हैं। ऐसे में चुनाव आयोग की ओर से नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए जाने के बाद दोनों पक्ष इन्हीं पहचान के साथ चुनावी मैदान में उतरेंगे।
अब EC के फैसले का इंतजार
दोनों गुटों की ओर से नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प मिलने के बाद अब चुनाव आयोग इन पर फैसला करेगा। आयोग के अंतरिम आदेश के तहत दोनों पक्षों को अलग-अलग नाम और अलग चुनाव चिह्न दिए जाने हैं। वहीं मूल पार्टी के नाम और पुराने चुनाव चिह्न पर अंतिम फैसला बाद की प्रक्रिया में होगा।