.jpg%3Falt%3Dmedia%26token%3D0d9085a2-9074-4da8-acf3-e1b087792dae&w=3840&q=75)
India self-relian: अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ विवाद पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में वही देश आर्थिक और तकनीकी रूप से मजबूत होने के कारण दूसरों पर दबाव बना पाते हैं। गडकरी ने यह बात महाराष्ट्र के विश्वेश्वरैया नेशनल प्रौद्योगिकी संस्थान में एक कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए निर्यात बढ़ाने और आयात कम करने पर जोर देना होगा। उनके अनुसार, जब देश की अर्थव्यवस्था और निर्यात दर ऊंची होगी, तब भारत को किसी देश के सामने झुकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
आर्थिक मजबूती और तकनीकी विकास है असली ताकत
गडकरी ने कहा कि कुछ देश अपनी आर्थिक ताकत और तकनीकी क्षमता के बल पर "दादागिरी" करते हैं। लेकिन भारत की संस्कृति दूसरों पर धौंस जमाने की नहीं, बल्कि विश्व कल्याण की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर भारत को मजबूत संसाधन और उन्नत तकनीक मिल जाए, तो वह भी वैश्विक स्तर पर आत्मनिर्भर बन सकता है। इसके लिए जरूरी है कि देश के उद्योग, तकनीकी संस्थान और उद्यम मिलकर निर्यात बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाएं।
शोध और नवाचार से मिलेगी वैश्विक पहचान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज दुनिया कई चुनौतियों से जूझ रही है और उनके समाधान के लिए विज्ञान और तकनीक ही सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने IIT, इंजीनियरिंग कॉलेज और शोध संस्थानों से आग्रह किया कि वे भारत की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान करें। कृषि, ऊर्जा, परिवहन और अन्य क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने की जरूरत है। गडकरी के अनुसार, अगर भारत ने निर्यात में मजबूती और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता दी, तो वह न केवल आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि विश्वगुरु के रूप में अपनी पहचान भी स्थापित करेगा।