
आज कार्तिक मास का अंतिम मंगलवार है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है। हिंदू धर्म में कार्तिक मास को भगवान विष्णु और भगवान हनुमान की उपासना का सर्वोत्तम समय माना जाता है। इस दिन मंगलवार का संयोग होने से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन हनुमानजी की विधिवत पूजा करने से मंगल दोष शांत होता है और जीवन में सुख, शक्ति तथा सफलता का वास होता है।
लाल वस्त्र धारण करें
इस विशेष दिन पर सुबह स्नान के बाद शुद्ध लाल वस्त्र धारण करें और हनुमानजी के समक्ष दीप प्रज्वलित करें। सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और गुड़-चना का भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करने से ग्रहदोषों से मुक्ति मिलती है और मनोबल में वृद्धि होती है।
शुभ मुहूर्त और पूजा का समय
कार्तिक मास के अंतिम मंगलवार को प्रातःकाल से दोपहर तक का समय पूजा के लिए उत्तम माना गया है। अभिजीत मुहूर्त (लगभग 11:30 बजे से 12:15 बजे तक) हनुमान पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ है। इस समय में की गई आराधना विशेष फल प्रदान करती है। शाम के समय भी संध्या आरती और दीपदान का विशेष महत्व है। कार्तिक मास में तुलसी माता को दीप अर्पित करना और भगवान विष्णु के नाम का स्मरण करना शुभ माना गया है।
राहुकाल और सावधानियां
मंगलवार का राहुकाल दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे तक रहता है। इस समय में कोई नया कार्य या यात्रा प्रारंभ करना अशुभ माना जाता है। यदि पूजा या व्रत का संकल्प लेना हो, तो राहुकाल समाप्त होने के बाद ही करें। कार्तिक मास का अंतिम मंगलवार भक्तिभाव से हनुमानजी की आराधना करने और मंगल दोष से मुक्ति पाने का शुभ अवसर है। इस दिन की गई सच्ची उपासना से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और साहस, ऊर्जा तथा आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। पूजा के समय स्वच्छता, श्रद्धा और नियमों का पालन करें — यही आपके जीवन में शुभता और समृद्धि लाने का सबसे सरल उपाय है।