सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और साधना के लिए सबसे पवित्र और पुण्यदायी समय माना जाता है। विशेष रूप से सोमवार के दिन शिव भक्त व्रत रखकर भोलेनाथ की पूजा करते हैं। आज सावन का दूसरा सोमवार है, और यह दिन शिव उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन शिवजी का रुद्राभिषेक, मंत्र जाप और विशेष पूजन करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।
शिव पूजन का शुभ मुहूर्त (21 जुलाई 2025)
आज शिव पूजन के लिए सबसे उत्तम समय ब्रह्म मुहूर्त से शुरू होकर सुबह 5:15 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:56 से 12:48 तक रहेगा, जो शिव आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
जलाभिषेक की विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
घर के मंदिर या शिवालय में शिवलिंग का विधिपूर्वक पूजन करें।
सबसे पहले शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करें। फिर दूध, दही, शहद, शक्कर और घी से पंचामृत स्नान कराएं।
इसके बाद फिर से शुद्ध जल से अभिषेक करें।
बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक, चावल और सफेद फूल अर्पित करें।
दीपक और अगरबत्ती जलाएं और शिव मंत्रों का जाप करें।
प्रभावशाली मंत्र
ॐ नमः शिवाय – यह महामंत्र 108 बार जपना अत्यंत शुभ होता है।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
इस महामृत्युंजय मंत्र के जप से रोग, भय और मृत्यु का नाश होता है।
विशेष उपाय
शिवलिंग पर चावल, तिल और चंदन चढ़ाने से मानसिक शांति मिलती है।
व्रत रखने वाले पूरे दिन सात्विक भोजन करें और एक समय फलाहार करें।
कुँवारी कन्याएं इस दिन व्रत रखकर शिव-पार्वती विवाह कथा सुनें, इससे विवाह के योग मजबूत होते हैं।
शाम को शिवजी की आरती करें और भजन-कीर्तन करें।
जानने योग्य बात
सावन का सोमवार भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे उत्तम अवसर है। आज के दिन श्रद्धा और विधि से किया गया पूजन जीवन को सुख, समृद्धि और शांति से भर देता है।