
9 सितंबर 2025, मंगलवार का दिन धर्म और अध्यात्म की दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है, जिसे श्राद्ध पक्ष की दूसरी तिथि भी कहा जाता है। इस दिन पितरों का तर्पण कर उन्हें स्मरण करने की विशेष परंपरा है। साथ ही, मंगलवार होने के कारण हनुमानजी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
पितृ पूजन का महत्व
श्राद्ध पक्ष के दौरान पितरों की प्रसन्नता के लिए जल तर्पण, अन्न दान और ब्राह्मण सेवा जैसे कार्य किए जाते हैं। कहा जाता है कि इन दिनों में पूर्वज पृथ्वी लोक में आते हैं और अपने परिजनों से संतोष की अपेक्षा रखते हैं। यदि श्रद्धा और विधि से तर्पण किया जाए, तो पितृ दोषों से मुक्ति मिलती है और पारिवारिक जीवन में शांति आती है।
हनुमानजी की आराधना
मंगलवार को हनुमानजी की उपासना करने से भय, रोग, शत्रु और सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं। इस विशेष दिन पर, हनुमान चालीसा का पाठ, लाल चोला अर्पण, सिंदूर, चमेली का तेल और गुड़-चना का भोग लगाने से बजरंगबली शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
शुभ योग और मुहूर्त
आज के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और गजकेसरी योग का संयोग बन रहा है, जो अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसे योगों में किए गए कार्य सफल होते हैं और जीवन में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं। विशेष रूप से नया व्यवसाय, संपत्ति खरीदना, नौकरी से जुड़ा निर्णय या किसी धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत आज करना अत्यंत फलदायी रहेगा।
राहुकाल और अशुभ समय
आज राहुकाल दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। पंचांग अनुसार, राहुकाल में किया गया कार्य बाधाओं से घिर सकता है।आज शिवजी का वास “अग्नि लोक” में है, जो कि ऊर्जा और आत्मशक्ति का प्रतीक है। यह संकेत करता है कि आज आत्मबल, साहस और तप के माध्यम से हम किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं। 9 सितंबर 2025 का दिन पितृ पूजन, हनुमानजी की आराधना और शुभ योगों के कारण अत्यंत फलदायक है। यदि श्रद्धा और सही विधि से पूजन व तर्पण किया जाए, तो जीवन के दोष, परेशानियाँ और बाधाएं दूर होकर सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त हो सकती है।