Aaj Ka Panchang: आज का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है। रविवार के दिन सूर्यदेव की उपासना करने से जीवन के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं और स्वास्थ्य, सफलता व ऊर्जा प्राप्त होती है। आज मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि है। आइए जानते हैं आज के दिन का पूरा पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजन-व्रत का महत्व।
तिथि, वार और नक्षत्र
9 नवंबर 2025, रविवार का दिन मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि को समर्पित है। आज का नक्षत्र आर्द्रा रहेगा, जो रात्रि तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र आरंभ होगा। आज चंद्रमा मिथुन राशि में और सूर्य तुला राशि में गोचर कर रहे हैं। यह योग आध्यात्मिक साधना और ज्ञान-वृद्धि के लिए अत्यंत अनुकूल माना गया है।
शुभ मुहूर्त और समय
आज का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:54 से 5:46 तक रहेगा, जो ध्यान, जप और संकल्प के लिए श्रेष्ठ है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:43 से 12:26 तक रहेगा, यह समय किसी भी नए कार्य, यात्रा या शुभारंभ के लिए उपयुक्त है। इसके अलावा विजय मुहूर्त दोपहर 1:53 से 2:37 तक रहेगा, जो सफलता दिलाने वाला काल है। इन मुहूर्तों में पूजा-पाठ, मंत्रजाप और आराधना करने से शुभ फल प्राप्त होंगे।
राहुकाल और अशुभ समय
आज रविवार के दिन राहुकाल दोपहर 4:09 से 5:30 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई नया कार्य आरंभ करना या महत्वपूर्ण निर्णय लेना वर्जित माना गया है। गुलिक काल 2:48 से 4:09 बजे तक तथा यमगंड काल 12:05 से 1:26 बजे तक रहेगा। इन समयों में लेन-देन, यात्रा या व्यावसायिक कार्यों से बचना शुभ रहेगा।
रविवार व्रत और पूजा-विधान
रविवार का व्रत सूर्य देव को समर्पित होता है। आज के दिन प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ लाल वस्त्र धारण करें, तांबे के लोटे में जल, लाल पुष्प, गुड़ और लाल चंदन मिलाकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का 11 बार जाप करें। यह व्रत न केवल आरोग्य प्रदान करता है बल्कि आत्मविश्वास और तेज को भी बढ़ाता है। साथ ही, जरूरतमंदों को गुड़ या गेहूं का दान करने से पितृ दोष और ग्रहदोष दूर होते हैं।
कार्य सफलता
आज का रविवार व्रत साधना, आराधना और सूर्यदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम है। शुभ मुहूर्तों में किए गए कार्य सफलता दिलाते हैं, जबकि राहुकाल के समय सतर्क रहना आवश्यक है। सूर्य की उपासना से मन, तन और आत्मा में नई ऊर्जा का संचार होता है।