22 अप्रैल 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन बुधवार व्रत के साथ-साथ स्कंद षष्ठी का पावन पर्व भी मनाया जाएगा। भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की पूजा का विशेष महत्व है। साथ ही आज रवि योग का संयोग भी बन रहा है, जो कई शुभ कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। आइए पंचांग के अनुसार जानते हैं दिनभर के शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और चंद्रमा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।
आज का तिथि और योग
पंचांग के अनुसार आज वैशाख माह की षष्ठी तिथि है, जो स्कंद षष्ठी के रूप में मनाई जाती है। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से साहस, शक्ति और सफलता की प्राप्ति होती है। साथ ही रवि योग का निर्माण हो रहा है, जो किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए शुभ संकेत देता है।
बुधवार व्रत और पूजा का महत्व
बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है। इस दिन व्रत रखकर गणपति जी की पूजा करने से बुद्धि, ज्ञान और धन-समृद्धि में वृद्धि होती है। जो लोग व्यापार या शिक्षा से जुड़े हैं, उनके लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है। गणेश जी को दूर्वा और मोदक अर्पित करना शुभ माना गया है।
शुभ और अशुभ मुहूर्त
आज के दिन शुभ कार्यों के लिए रवि योग का लाभ उठाया जा सकता है। सुबह का समय विशेष रूप से पूजन और नए कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम है। वहीं राहुकाल के दौरान किसी भी शुभ कार्य से बचना चाहिए। पंचांग के अनुसार राहुकाल दोपहर के समय रहेगा, इसलिए इस दौरान महत्वपूर्ण कार्य टालना बेहतर रहेगा।
चंद्रमा और दिन का प्रभाव
आज चंद्रमा का प्रभाव मन और भावनाओं पर विशेष रूप से पड़ेगा। चंद्रमा के अनुकूल होने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होगा। शाम के समय चंद्र दर्शन करना शुभ फलदायी माना जाता है। इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।