Aaj Ka Panchang: 21 अगस्त 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। आज श्रावण शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है और चंद्रमा वृश्चिक राशि में अनुराधा नक्षत्र के प्रभाव में रहेगा। शुक्रवार को देवी लक्ष्मी की आराधना के लिए शुभ माना जाता है, इसलिए आज लक्ष्मी पूजन, दीपदान और मंत्र जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने की मान्यता है।
नवमी तिथि और अनुराधा नक्षत्र का संयोग
पंचांग के अनुसार शुक्रवार को शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि रात करीब 11:36 बजे तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि शुरू होगी। दिन के शुरुआती हिस्से में अनुराधा नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव शुरू हो जाएगा। आज का योग वैधृति बताया गया है, जो रात तक प्रभावी रहने के बाद अगले योग में परिवर्तित होगा। पंचांग की गणना स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकती है।
लक्ष्मी पूजा के लिए क्यों खास है शुक्रवार?
शुक्रवार का संबंध देवी लक्ष्मी और शुक्र ग्रह से माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन घर की साफ-सफाई करके शाम के समय लक्ष्मी पूजन करने से सुख-समृद्धि की कामना की जा सकती है। पूजा के दौरान घी का दीपक जलाएं, मां लक्ष्मी को कमल या उपलब्ध पुष्प अर्पित करें और श्रीसूक्त या लक्ष्मी मंत्र का जाप करें। आर्थिक परेशानियों से राहत की कामना रखने वाले लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, वस्त्र या धन का दान भी कर सकते हैं।
आज के शुभ और अशुभ समय पर रखें नजर
दिल्ली के पंचांग के अनुसार आज सूर्योदय करीब 5:53 बजे और सूर्यास्त लगभग 6:55 बजे होगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:01 से 12:49 बजे तक रहेगा। वहीं राहुकाल सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक माना गया है। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 7:31 से 9:08 बजे और यमगंड करीब 3:39 से 5:17 बजे तक रहेगा। महत्वपूर्ण शुभ कार्य शुरू करने से पहले स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।
आज ऐसे करें मां लक्ष्मी की पूजा
शाम को स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थान पर दीपक जलाकर मां लक्ष्मी का ध्यान करें। इसके बाद फूल, अक्षत, फल और मिठाई अर्पित करें। संभव हो तो घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर दीपक जलाएं। लक्ष्मी मंत्र का जाप करते हुए परिवार की सुख-शांति और आर्थिक समृद्धि की प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार को श्रद्धा और साफ मन से की गई पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।