
24 सितंबर 2025, बुधवार का दिन शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन के रूप में मनाया जा रहा है, जो मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा को समर्पित है। मां चंद्रघंटा को सौम्यता, शौर्य और आंतरिक शक्ति की देवी माना जाता है। आज के दिन उनकी विशेष पूजा-अर्चना करने से भय और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है, और साधक को मानसिक शांति एवं साहस की प्राप्ति होती है।
शुभ तिथि और पंचांग विवरण
आज आश्विन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। नक्षत्र स्वाति है और योग सुकर्मा, जो शुभ कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल माने जाते हैं। सूर्योदय प्रातः 06:12 बजे और सूर्यास्त सायं 06:19 बजे होगा। यह दिन नवरात्रि की साधना, उपवास और मां चंद्रघंटा की आराधना के लिए उत्तम है।
आज के शुभ मुहूर्त
शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए आज कई उत्तम मुहूर्त उपलब्ध हैं। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:48 से 12:36 बजे तक रहेगा, जो किसी भी कार्य की शुरुआत के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। इसके अलावा चौघड़िया अनुसार सुबह 09:14 से 10:45 (लाभ) और 12:16 से 01:47 (अमृत) के बीच के समय को भी शुभ माना गया है। मां चंद्रघंटा की विशेष पूजा के लिए सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक का समय सर्वोत्तम रहेगा।
राहुकाल का समय
राहुकाल के दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य आरंभ नहीं किया जाना चाहिए। आज का राहुकाल दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक रहेगा। इस समय यात्रा, निवेश या पूजन जैसे कार्यों से बचना चाहिए। बुधवार को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहता है। यदि आज उत्तर दिशा में यात्रा करना अत्यंत आवश्यक हो, तो यात्रा से पहले गुड़ का सेवन करना शुभ माना जाता है।
मां चंद्रघंटा की कृपा से मिलता है साहस
मां चंद्रघंटा का स्वरूप सौम्य होते हुए भी शक्ति और युद्ध की प्रतीक है। उनकी आराधना करने से साधक को भीतर से बल, साहस और स्थिरता प्राप्त होती है। आज के दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ, चंद्रघंटा मंत्रों का जाप और विशेष आरती करना अत्यंत पुण्यदायक रहेगा। शारदीय नवरात्रि का यह तीसरा दिन साधना और आत्मबल जागरण का सुनहरा अवसर है। मां चंद्रघंटा की पूजा न सिर्फ बाहरी बाधाओं को दूर करती है, बल्कि अंदर छिपी शक्तियों को भी सक्रिय करती है। आज के पंचांग, शुभ मुहूर्त और राहुकाल की जानकारी के साथ अपने दिन को और भी अधिक फलदायी बनाएं।