दक्षिण भारत से लेकर उत्तर और मध्य भारत तक मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अंडमान सागर में बन रहे लो प्रेशर सिस्टम के कारण कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। दिल्ली-NCR में ठंड बढ़ने के साथ प्रदूषण हालात बिगाड़ सकता है। कुछ राज्यों में शीतलहर भी दस्तक दे सकती है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश के आसार
दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर 22 नवंबर को कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जो 24 नवंबर तक बंगाल की खाड़ी में पहुंचकर और मजबूत हो सकता है। इसके असर से अंडमान-निकोबार में 23 से 25 नवंबर तक भारी बारिश के हालात बनेंगे। तमिलनाडु, केरल और माहे में भी अगले दो दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।
लो प्रेशर सिस्टम बदल सकता है मौसम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक यह सिस्टम पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और गहराते हुए दबाव में बदल जाएगा। इसके चलते दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में समुद्री गतिविधियां तेज होंगी और आसपास के राज्यों में बादल और बारिश का प्रभाव बढ़ सकता है।
पश्चिम व मध्य भारत में तापमान बढ़ेगा
अगले 72 घंटों में पश्चिम और मध्य भारत में रात के तापमान में 2–3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान स्थिर रहने का अनुमान है। वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक गिर सकता है, जिससे सुबह-शाम सर्दी और तेज महसूस होगी।
दिल्ली-NCR में बढ़ी ठंड और प्रदूषण की मार
दिल्ली-NCR में तापमान लगातार गिर रहा है। 22 नवंबर को न्यूनतम तापमान 10–12 डिग्री रह सकता है, जबकि 23 नवंबर को इसमें और गिरावट होगी। ठंड के साथ गंभीर प्रदूषण लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।
झारखंड और एमपी में सर्द हवाएं तेज
झारखंड में अगले 24 घंटों में रात का तापमान बढ़ सकता है, पर 23 नवंबर से फिर गिरावट के आसार हैं। उत्तर भारत की बर्फबारी का असर यहां भी पड़ेगा। वहीं मध्य प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में 22 और 23 नवंबर को शीतलहर चल सकती है, जिससे ठंड और तेज महसूस होगी।