
Torrential Rains Wreak Havoc: दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेलंगाना में हालात सबसे गंभीर हैं, जहां उस्मान सागर और हिमायत सागर जलाशयों के गेट खोलने के बाद मूसी नदी किनारे बसे इलाके जलमग्न हो गए हैं। चादरघाट और उसके आसपास के इलाकों में कई घर पानी में डूब गए, जिससे लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर जाना पड़ा। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) ने प्रभावित लोगों को अस्थायी आश्रयों में शिफ्ट किया है। इस बीच, उत्तर भारत से मानसून की वापसी शुरू हो गई है और दिल्ली समेत कई राज्यों में उमस और गर्मी बढ़ गई है।
तेलंगाना में सबसे ज्यादा तबाही, सैकड़ों लोग बेघर
मूसानगर इलाके में करीब 200 घर बाढ़ के पानी में डूब गए, वहीं विनायक वीधी और रसूलपुरा जैसे मोहल्लों से 600 से अधिक लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया है। एमजीबीएस बस स्टैंड में पानी घुसने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। चादरघाट और मूसारामबाग पुलों पर पानी भरने से प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही रोक दी है। प्रभावित लोग रोते-बिलखते अपने घर छोड़कर बाहर निकलते नजर आए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हालात पर कड़ी नजर रखने और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
महाराष्ट्र, ओडिशा और केरल में अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और केरल के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। महाराष्ट्र और ओडिशा के कई जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। ओडिशा के कालाहांडी, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, अन्य 14 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 13 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है, जिससे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।