मध्यप्रदेश में बच्चों की मौत का कारण बने जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड में जांच तेजी पकड़ चुकी है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को तीन दिन की SIT रिमांड के बाद जेल भेज दिया गया है। वहीं अब पुलिस जेल में बंद सिरप निर्माता कंपनी के मालिक रंगनाथन से पूछताछ के लिए नई रिमांड मांगेगी। इस कांड में 20 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है, जिससे पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी।
SIT ने पूरी की रिमांड, डॉक्टर भेजे गए जेल
जहरीले कोल्ड्रिफ सिरप से बच्चों की मौत के गंभीर मामले में SIT ने डॉ. प्रवीण सोनी को तीन दिनों तक हिरासत में रखकर पूछताछ की। रिमांड पूरी होने के बाद शनिवार को उन्हें जेल भेज दिया गया। जांच टीम ने डॉक्टर से सिरप लिखने, दवा की उपलब्धता, सप्लाई चैन और संबंधित चिकित्सा दस्तावेजों को लेकर कई अहम सवाल पूछे।
रंगनाथन पर कसा शिकंजा, मांगी जाएगी रिमांड
सिरप निर्माता श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन पहले ही जेल में बंद हैं। अब कुंडीपुरा पुलिस उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करना चाहती है। पुलिस का मानना है कि उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण और सैंपल परीक्षण से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां रंगनाथन के पास मौजूद हैं, जो जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
बीएमओ की शिकायत पर सात लोगों पर मामला दर्ज
इस मामले की शुरुआत परासिया बीएमओ की शिकायत से हुई, जिसके बाद डॉक्टर प्रवीण, रंगनाथन समेत सात लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें मेडिकल स्टोर संचालक और फॉर्मासिस्ट भी शामिल हैं। आरोप है कि जहरीला सिरप बच्चों तक पहुंचा और समय पर इसकी बिक्री नहीं रोकी गई, जिसके कारण मामला और गंभीर हो गया।
किडनी फेल होने से गई 20 से ज्यादा बच्चों की जान
कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद बच्चों की तबीयत तेजी से बिगड़ी और किडनी फेल होने की घटनाएं सामने आईं। चिकित्सा जांच में पाया गया कि सिरप में घातक रसायन मौजूद थे, जो सीधे बच्चों की मौत का कारण बने। प्रदेश में इस हादसे के बाद दवा दुकानों और निर्माण इकाइयों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई।