टीबी की बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए जिला क्षय रोग विभाग व ट्रैफिक पुलिस मिलकर काम करेंगे। योजना के तहत शहर के विभिन्न चौराहों पर लगे ट्रैफिक के माइक से टीबी के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए एसपी ट्रैफिक राघवेन्द्र कुमार मिश्रा को पत्र सौंपा गया है।
उपचार निशुल्क विभाग की ओर से कराया जा रहा
जिला क्षय रोग अधिकारी डा विपुल कुमार ने बताया में जिले में इस साल अभी तक 15 हजार टीबी मरीज मिल चुके है। जिनका उपचार निशुल्क विभाग की ओर से कराया जा रहा है। टीबी के प्रति आमजन में जागरूकता फैलाने के लिए चौराहों पर लग डिस्प्ले साइन बोर्ड व लाउडस्पीकर पर आडियो व वीडियो चलवा कर टीबी के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए पीपीएम शबाना बेगम ने एसपी ट्रैफिक को पत्र सौंपा ।
माइक से टीबी से बचाव के उपाय
उन्होंने बताया ट्रैफिक विभाग ओर से चौराहों पर लगे माइक से टीबी से बचाव के उपाय , किसी प्रकार इस बीमारी से बचा जा सकता है। पीपीएम ने बताया कि टीबी का उपचार संभव है। समय अगर बीमारी के बारे में पता चल जाए तो उपचार होने से बीमारी को समाप्त किया जा सकता है। सरकार की ओर से टीबी मरीजों को पोषण पोटली मिलने के साथ प्रति माह लाभार्थी के खाते में एक हजार रुपये प्रति माह आते है।जो कि उपचार होने तक मिलते है। इसके लाभार्थी का अपना बैंक खाता होना आवश्यक है।