महाराष्ट्र के भिवंडी में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के अनुसार, मलबे से अब तक नौ शव निकाले जा चुके हैं, जबकि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अभियान के दौरान NDRF के एक असिस्टेंट कमांडेंट भी घायल हो गए। सुबह करीब 9:30 बजे तक सात शवों को भिवंडी के आईजीएम अस्पताल पहुंचाया गया था। इनमें कुछ मृतकों की पहचान कर ली गई है, जबकि अन्य की पहचान कराने की प्रक्रिया जारी है। अब तक जिन लोगों की पहचान हुई है, उनमें शमीम शेख (32), रंजीत सिंह (45), मिराज रसूल शेख (34), संतोष कुमार पांडे (42) और शमीम अंसारी (30) शामिल हैं। बाकी मृतकों की शिनाख्त के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।
देर रात ढहा 'कोहिनूर बिल्डिंग' का हिस्सा
प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह हादसा गुरुवार रात लगभग 11 से 11:30 बजे के बीच हुआ। भिवंडी के नारपोली क्षेत्र स्थित गंगा राम वाडा के बालाजी नगर में बनी चार मंजिला 'कोहिनूर बिल्डिंग' के बी-विंग का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। ग्राउंड प्लस चार मंजिला इस इमारत में कुल 48 कमरे थे और प्रत्येक मंजिल पर 12 कमरे बने हुए थे।
#WATCH | Maharashtra | Family members of the deceased mourn the demise of their loved ones in the Bhiwandi building collapse incident
— ANI (@ANI) July 31, 2026
Six people have lost their lives. Rescue operations are underway. pic.twitter.com/KuHiBH1s1a
पहले से खतरनाक घोषित थी इमारत
ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, इस इमारत को भिवंडी-निजामपुर नगर निगम पहले ही जर्जर और खतरनाक घोषित कर चुका था। इसके बावजूद कई परिवार यहां रह रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि गुरुवार रात करीब 8 से 9 बजे के बीच इमारत से दरार पड़ने और चटकने जैसी आवाजें आने लगी थीं। खतरे को भांपते हुए आसपास के लोगों ने कई परिवारों को समय रहते बाहर निकालने में मदद की, लेकिन कुछ लोग बाहर निकलने से पहले ही इमारत का हिस्सा ढह गया और वे मलबे में फंस गए।
कई एजेंसियां चला रही हैं संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही NDRF, भिवंडी फायर ब्रिगेड, भोईवाड़ा पुलिस, स्थानीय प्रशासन और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। सभी एजेंसियां मिलकर मलबे में फंसे लोगों की तलाश में लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। प्रशासन का कहना है कि जब तक हर संभावित व्यक्ति का पता नहीं चल जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा।