TRAI New Recharge Rules : प्रीपेड मोबाइल इस्तेमाल करने वालों के लिए टेलीकॉम से जुड़ा एक अहम बदलाव सामने आया है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण यानी ट्राई ने टेलीकॉम उपभोक्ता संरक्षण के 13वें संशोधन नियम, 2026 जारी किए हैं। नए नियमों का मकसद ऐसे ग्राहकों को ज्यादा विकल्प देना है, जिन्हें मोबाइल इंटरनेट की जरूरत कम या बिल्कुल नहीं होती। इन नियमों के तहत टेलीकॉम कंपनियों को आवाज और एसएमएस वाले विशेष शुल्क वाउचर उपलब्ध कराने होंगे। इनकी वैधता 30 दिन या उससे कम अवधि के दूसरे संबंधित प्लान के हिसाब से रखनी होगी।
28 दिन के रिचार्ज को लेकर क्यों हुई चर्चा
प्रीपेड मोबाइल के कई प्लान 28 दिन की वैधता के साथ आते हैं। इसका मतलब यह है कि पूरे साल मोबाइल सेवा जारी रखने के लिए 12 की जगह 13 रिचार्ज की जरूरत पड़ सकती है। इसी मुद्दे को राज्यसभा में राघव चड्ढा ने 11 मार्च 2026 को उठाया था। उन्होंने कहा था कि मासिक रिचार्ज को कैलेंडर महीने के हिसाब से 30 या 31 दिन का होना चाहिए। अब नए नियमों में 30 दिन की वैधता से जुड़े विकल्पों का प्रावधान किया गया है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर मौजूदा 28 दिन वाला प्लान अपने आप 30 दिन का हो जाएगा।
सिर्फ कॉल और एसएमएस वालों के लिए खास सुविधा
नए बदलाव का एक बड़ा हिस्सा उन लोगों के लिए है जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं होती। ट्राई ने कंपनियों को आवाज और एसएमएस के लिए अलग विशेष शुल्क वाउचर उपलब्ध कराने को कहा है। इनकी कीमत संबंधित डेटा वाले प्लान की तुलना में उचित रूप से कम रखनी होगी। इससे ऐसे लोगों को फायदा मिल सकता है जो फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉल करने और जरूरी संदेश प्राप्त करने के लिए करते हैं।
हर महीने एक ही तारीख पर रिचार्ज का विकल्प
नियमों में एक और खास प्रावधान मासिक वैधता को लेकर है। ऐसा विकल्प दिया जाना है जिसे हर महीने उसी तारीख को दोबारा शुरू किया जा सके। अगर किसी महीने में वही तारीख मौजूद नहीं है, तो उस महीने की आखिरी तारीख को नवीनीकरण की तारीख माना जाएगा। इससे ग्राहकों के लिए रिचार्ज की तारीख समझना आसान हो सकता है और उन्हें बार-बार अलग-अलग तारीख याद रखने की जरूरत कम होगी।
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नियम कब से लागू होंगे
ट्राई ने इन संशोधित नियमों को 22 सितंबर 2026 को जारी किया है। नियमों के अनुसार इनका प्रभाव आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन के 30 दिन बाद शुरू होगा। यानी फिलहाल ग्राहकों को अपने मौजूदा प्लान में तुरंत बदलाव दिखना जरूरी नहीं है। नियम लागू होने के बाद टेलीकॉम कंपनियों को इनके मुताबिक जरूरी रिचार्ज विकल्प उपलब्ध कराने होंगे। कुल मिलाकर यह बदलाव खास तौर पर उन प्रीपेड ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है जो कम खर्च में सिर्फ कॉल और एसएमएस की सुविधा चाहते हैं।