NCR old vehicle: एनसीआर में वाहन चालकों के लिए बुरी खबर है। अगर आपका भी नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे शहरों में आना जाना लगा रहता है।1 नवंबर से पूरे एनसीआर में परिवहन विभाग पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर पूर्णरूप से प्रतिबंध लगाने जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में एनजीटी के आदेश के कारण 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल की गाड़ियों के चलने पर पाबंदी है। इन वाहनों को जब्त करने के लिए ट्रैफिक पुलिस की टीमें बनाई जाएंगी। दिल्ली में 1 जुलाई से यह नियम लागू कर दिया जाएगा ।
कैमरे लगाकर पुराने वाहन किए जायेंगे चिन्हित
31 अक्टूबर तक सभी पेट्रोल पंप संचालकों को सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए कमीशन की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए यह कदम उठाया गया है, क्योंकि पुराने वाहन वायु प्रदूषण का एक प्रमुख कारण हैं।एनसीआर में वायु प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि लोगों का श्वांस जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पुराने वाहनों का धुआं सबसे अधिक प्रदूषण की वजह बनता है।
पुराने वाहनों को एनसीआर से दूर किया जाएगा शिफ्ट
पुराने वाहन एनसीआर के शहरों में कहीं नहीं चल सकेंगे। गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और हापुड में 5.82 लाख पेट्रोल और डीजल वाहन अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं। इनमें से 2.01 लाख यहां से अन्य जनपदों में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। यूपी एनसीआर के तीनों शहरों में 2.71 लाख वाहनों की उम्र सीमा पूरी हो चुकी है।सबसे अधिक कबाड़ वाहन गौतमबुद्धनगर में उम्र पूरी कर चुके कुल वाहनों में से सिर्फ 14 प्रतिशत ही सड़कों से दूर हो सके हैं।
एनसीआर में 44 लाख से ज्यादा वाहनों की निकल चुकी है मियाद
आपको मीडिया रिपोर्ट्स को मिली खबर सीएक्यूएम की रिपोर्ट के अनुसार बता दें पूरे एनसीआर में करीब 44 लाख वाहन ऐसे हैं जो तय उम्र सीमा पार कर चुके हैं, जिनमें दिल्ली में ही 62 लाख में से 41 लाख दोपहिया वाहन हैं। इन पुराने वाहनों को हटाकर एनसीआर की प्रदूषित हवा को शुद्ध करने का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।