लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अभी तक जिन परिवहन कार्यालयों में वाहनों की फिटनेस हो रही है, जून माह तक वहां भी फिटनेस बंद हो जाएगी। वाहनों की फिटनेस सिर्फ ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पर ही होगी। यह सभी सेंटर प्राइवेट होंगे।
लखनऊ में साढ़े पांच करोड़ रुपए की लागत से बना आईएंडसी सेंटर बख्शी का तालाब में बनाए गए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन के चलते बंद किया जा चुका है। इसी तरह प्रदेश के सभी जिलों की स्थिति आगे आने वाले दिनों में हो जाएगी। शहर से काफी दूर बनने वाले ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पर ही वाहनों की फिटनेस कराने के लिए जाना होगा।
लखनऊ के ट्रांसपोर्टर और वाहन स्वामी लगातार इस दिक्कत का सामना कर रहे हैं, क्योंकि बड़े वाहनों की फिटनेस कराने के लिए उन्हें ज्यादा समय और ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। अब कुछ ही दिन में वाहनों की फिटनेस ही नहीं, वाहनों का रिनुअल भी ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों पर ही किया जाएगा, जिससे ट्रांसपोर्टरों और वाहन स्वामियों की दिक्कतें और भी ज्यादा बढ़ने वाली है।
लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर में बने आईएंडसी को अपग्रेड कर ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन के रूप में डेवलप करने के लिए और तब तक यहां पर वाहनों की फिटनेस जारी करने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज को अनुरोध पत्र भेजा है।
अभी तक वाहनों की फिटनेस के लिए ही वाहन स्वामियों को ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन जाना होता है, लेकिन आने वाले दिनों में वाहनों के रि-रजिस्ट्रेशन के लिए भी वाहन मालिकों को ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन तक दौड़ाने की परिवहन विभाग ने तैयारी कर ली है। इस संबंध में जल्द ही नया आदेश जारी होने की संभावना है। फिटनेस के साथ ही वाहनों के रि- रजिस्ट्रेशन के जाने से एटीएस का लोड बढ़ेगा।