पर्थ में खेले गए एशेज 2025 के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को सिर्फ दो दिनों में धोकर रख दिया. इंग्लैंड ने पहली पारी और दूसरी पारी मिलाकर पूरी कोशिश की, लेकिन 205 रनों का लक्ष्य भी उनकी पहुंच से बाहर निकल गया, क्योंकि सामने ट्रेविस हेड खड़े थे. ऑस्ट्रेलिया की ओर से ओपनिंग करते हुए हेड ने पहली ही गेंद से इंग्लिश गेंदबाजों पर ऐसा हमला बोला कि इंग्लैंड का चर्चित बैजबॉल एप्रोच मिनटों में हवा हो गया. 69 गेंदों में शतक और कुल 83 गेंदों में 123 रन की पारी ने मैच का नतीजा लगभग अकेले हेड के दम पर तय कर दिया.
205 का टारगेट खड़ा किया
इंग्लैंड की टीम ने दूसरी पारी में 164 रन बनाकर कुल 205 का टारगेट खड़ा किया था. पर्थ की पिच पर पहली पारी के हाल देखते हुए यह लक्ष्य मुश्किल माना जा रहा था, लेकिन हेड कुछ और ही प्लान करके आए थे. उन्होंने शुरुआत से ही अटैक की नीति अपनाई और वेदरलैंड के साथ 75 रन की साझेदारी कर इंग्लैंड के चेहरे उतरवा दिए. इसके बाद लाबुशेन के साथ 117 रन जोड़कर मैच को पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया की मुट्ठी में डाल दिया. हेड की बल्लेबाजी में 16 चौके और 4 छक्के शामिल रहे और उनका स्ट्राइक रेट पूरे मैच में इंग्लिश गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटा.
एशेज इतिहास की दूसरी सबसे तेज शतकीय पारी
ट्रेविस हेड की ये सेंचुरी यूं ही चर्चित नहीं हुई. यह एशेज इतिहास की दूसरी सबसे तेज शतकीय पारी है. उन्होंने 1902 में गिल्बर्ट जेसोप द्वारा 76 गेंदों में बनाए गए शतक का रिकॉर्ड तोड़ दिया. अब हेड से तेजी से शतक सिर्फ एडम गिलक्रिस्ट का है, जिन्होंने 2006-07 में 57 गेंदों में शतक ठोका था। हेड की इस रिकॉर्डतोड़ इनिंग ने न सिर्फ इंग्लैंड के गेंदबाजों की रफ्तार रोकी बल्कि यह भी साबित कर दिया कि आधुनिक एशेज में भी धाकड़ बल्लेबाजी के दम पर मैच पलटा जा सकता है.
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ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से आसान जीत दिलाई
हेड के आउट होने के बाद भी लाबुशेन ने मोर्चा संभाला और 51 रनों की नाबाद पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से आसान जीत दिला दी. पर्थ का ये मैच सिर्फ एक जीत नहीं बल्कि एक झटका था, जिसने इंग्लैंड को सीरीज की शुरुआत में ही यह एहसास करा दिया कि ऑस्ट्रेलिया अपने घर में किसी भी कीमत पर मज़ाक नहीं बनता। 1-0 की बढ़त के साथ ऑस्ट्रेलिया ने एशेज की शुरुआत तूफानी अंदाज में की है और हेड की यह ऐतिहासिक पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी.