Trees Not To Plant At Home: घर में पेड़-पौधे लगाने से न केवल आसपास हरियाली बढ़ती है, बल्कि वातावरण भी खुशनुमा बना रहता है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग अपने घर के आंगन, बालकनी या छत पर पौधे लगाना पसंद करते हैं। हालांकि, वास्तु शास्त्र में पौधों को लेकर कुछ अलग मान्यताएं भी बताई गई हैं। इसके अनुसार हर पेड़ या पौधा घर के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में कुछ पेड़ों को घर के मुख्य द्वार, आंगन या रहने वाले हिस्से के बिल्कुल पास लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि इनका प्रभाव घर के वातावरण और पारिवारिक जीवन पर पड़ सकता है। इसी वजह से पुराने समय में कुछ पेड़ों को मंदिरों, बगीचों या खुले स्थानों पर लगाने की परंपरा रही है। आइए जानते हैं ऐसे पांच पेड़-पौधों के बारे में, जिन्हें वास्तु की मान्यताओं के अनुसार घर में लगाने से परहेज किया जाता है।
पीपल का पेड़
पीपल को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और पूजनीय माना जाता है। धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर इसकी पूजा की जाती है। हालांकि, वास्तु मान्यताओं के अनुसार पीपल को घर के आंगन या मुख्य दरवाजे के पास लगाना उचित नहीं माना जाता। इसकी जड़ें और तेजी से बढ़ता आकार भी इसे घर के लिए व्यावहारिक रूप से अनुपयुक्त बना सकता है। इसलिए इसे पर्याप्त खुली जगह में लगाना बेहतर माना जाता है।
बरगद
बरगद का पेड़ भी भारतीय परंपरा में विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इसका आकार काफी बड़ा होता है और इसकी शाखाएं दूर तक फैलती हैं। वास्तु की मान्यता के अनुसार ऐसे विशाल पेड़ को घर के बिल्कुल नजदीक लगाने से बचना चाहिए। इसके लिए खुला स्थान अधिक उपयुक्त माना जाता है।
इमली
इमली का पेड़ अपने घने फैलाव और खट्टे फलों के लिए जाना जाता है। वास्तु से जुड़ी कुछ मान्यताओं में इसे घर के अंदर या आंगन में लगाने की मनाही बताई गई है। माना जाता है कि इससे घर के सकारात्मक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, यह धारणा धार्मिक और वास्तु मान्यताओं पर आधारित है।
कैक्टस
कैक्टस कम पानी में भी आसानी से उग जाता है और घर की सजावट के लिए काफी लोकप्रिय है। लेकिन इसकी कांटेदार बनावट के कारण वास्तु शास्त्र में इसे मुख्य द्वार या घर के प्रमुख हिस्सों में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि नुकीले कांटे तनाव और नकारात्मकता का प्रतीक माने जाते हैं।
बोनसाई
बोनसाई देखने में आकर्षक होते हैं और कम जगह में भी इन्हें आसानी से रखा जा सकता है। लेकिन वास्तु मान्यताओं में बोनसाई को घर के लिए शुभ नहीं माना जाता। इसकी सीमित वृद्धि को जीवन में रुकावट और प्रगति के ठहराव से जोड़कर देखा जाता है। इसी कारण कई लोग इसे घर के अंदर रखने से बचते हैं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।