Trending Quiz: हमारा दिमाग जितना जटिल है, उसकी सेहत उतनी ही नाज़ुक होती है. अगर शरीर को सही पोषण न मिले, तो सबसे पहले असर हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर दिखने लगता है. कई बार बिना किसी खास कारण के चिंता, डिप्रेशन, या नकारात्मक विचार आने लगते हैं और हम सोच में पड़ जाते हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका एक बहुत बड़ा कारण शरीर में विटामिन की कमी भी हो सकता है? खासकर एक ऐसा विटामिन जिसकी कमी से दिमागी संतुलन गड़बड़ा सकता है – और वो है विटामिन B12.
विटामिन B12 की कमी और मानसिक स्वास्थ्य
विटामिन B12 न सिर्फ हमारे खून और तंत्रिका तंत्र (nervous system) के लिए जरूरी है, बल्कि ये मस्तिष्क को स्थिर और एक्टिव बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है. जब शरीर में इसकी कमी हो जाती है, तो व्यक्ति को थकान, चिड़चिड़ापन, याददाश्त में कमी, और यहां तक कि डिप्रेशन या भ्रम जैसी मानसिक समस्याएं होने लगती हैं.
ऐसे-वैसे ख्याल क्यों आते हैं?
B12 की कमी से मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमिटर्स (जैसे सेरोटोनिन और डोपामिन) का संतुलन बिगड़ जाता है. ये वो केमिकल्स हैं जो मूड को स्थिर और पॉजिटिव बनाए रखते हैं. जब ये असंतुलित हो जाते हैं, तो नकारात्मक सोच, घबराहट, असुरक्षा की भावना और आत्महत्या जैसे ख्याल भी आने लगते हैं.
कौन होते हैं ज्यादा जोखिम में?
वे लोग जो शुद्ध शाकाहारी हैं (क्योंकि B12 मुख्यतः जानवरों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में होता है). बुजुर्ग पेट से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे लोग अधिक शराब पीने वाले कुछ विशेष दवाओं का सेवन करने वाले कमी के लक्षण: बार-बार उदासी या तनाव महसूस होना एकाग्रता में कमी हाथ-पैर में झनझनाहट निर्णय लेने में कठिनाई बार-बार अजीब या डरावने ख्याल आना.
क्या करें?
अपने आहार में दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली, और मीट जैसी चीजें शामिल करें डॉक्टर की सलाह से B12 सप्लीमेंट लें समय-समय पर ब्लड टेस्ट कराएं मानसिक लक्षणों को हल्के में न लें दिमागी सेहत सिर्फ मन की बात नहीं होती, ये शरीर में पोषण की स्थिति से गहराई से जुड़ी होती है. अगर आप या आपके किसी करीबी को अचानक से ऐसे-वैसे ख्याल आने लगे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें. हो सकता है इसका कारण विटामिन B12 की कमी हो — और अच्छी बात ये है कि इसे सही आहार और समय पर सप्लीमेंट से पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है. आपका मन भी स्वस्थ तभी रहेगा, जब आपका शरीर अंदर से मजबूत होगा. तो आज ही अपनी डाइट पर ध्यान दें और दिमाग को दें वो पोषण जिसकी उसे सबसे ज्यादा ज़रूरत है.