आज के समय में वजन घटाने के लिए कीटो, इंटरमिटेंट फास्टिंग और लिक्विड डाइट जैसी कई डाइट ट्रेंड में हैं. इन्हीं में से एक है वॉटर डाइट, जिसमें कुछ समय के लिए व्यक्ति सिर्फ पानी का सेवन करता है और कोई ठोस भोजन नहीं करता. इसे वॉटर फास्टिंग भी कहा जाता है. इसका उद्देश्य शरीर को डिटॉक्स करना, पाचन को आराम देना और भूख को नियंत्रित करना होता है.
फायदे हैं, लेकिन सीमित समय तक
दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट की चीफ डायटिशियन प्रिया पालीवाल के अनुसार, वॉटर डाइट सीमित समय के लिए शरीर के लिए फायदेमंद हो सकती है. यह इंसुलिन लेवल को संतुलित करने और मानसिक स्पष्टता बढ़ाने में मदद कर सकती है. कई लोग इसे धार्मिक उपवास के रूप में भी अपनाते हैं.
लापरवाही से हो सकता है बड़ा नुकसान
हालांकि, लंबे समय तक सिर्फ पानी पीना सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. इससे चक्कर आना, थकावट, लो ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर गिरना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या हार्ट पेशेंट्स को तो यह डाइट बिल्कुल नहीं अपनानी चाहिए.
डॉक्टर की सलाह है जरूरी
वॉटर डाइट शुरू करने से पहले हेल्थ चेकअप कराना और एक्सपर्ट की राय लेना जरूरी है. इसे 1-2 दिन से ज्यादा नहीं अपनाना चाहिए और वह भी मेडिकल निगरानी में. कमजोरी, सिरदर्द या मतली महसूस हो तो तुरंत डाइट बंद करें और पौष्टिक आहार लें.