High Court seeks response Government: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी इलाकों में बच्चों की मौत का मामला गंभीर चिंता का विषय बन गया है। 30 से अधिक बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं, पोषण और दूरदराज के गांवों तक इलाज की पहुंच को लेकर सवाल उठे हैं। मामले को लेकर दायर जनहित याचिका पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर पीठ ने राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और बालाघाट कलेक्टर समेत संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में अस्पतालों में क्षमता से अधिक मरीजों के इलाज और प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के आरोप लगाए गए हैं।
कई बीमारियों के मामले सामने आए
बालाघाट के बिरसा और बैहर ब्लॉक के दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में बुखार, शरीर पर दाने और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के मामले सामने आने के बाद प्रशासन ने निगरानी और जांच बढ़ाई। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त टीमों ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं तेज की हैं। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, अब तक हजारों लोगों की जांच की जा चुकी है और सैकड़ों बच्चों को इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाया गया है। जांच में खसरा, मलेरिया, श्वसन संबंधी परेशानी, डिहाइड्रेशन, कुपोषण और एनीमिया जैसी स्थितियां सामने आई हैं।
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अस्पतालों की क्षमता पर भी सवाल
हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिका से जुड़े पक्ष की ओर से दावा किया गया कि प्रभावित क्षेत्र के एक अस्पताल में उसकी निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों का इलाज किया गया। रिपोर्ट के अनुसार करीब 400 बच्चों के इलाज का दावा किया गया, जबकि अस्पताल की क्षमता इससे काफी कम थी। याचिका में दूषित पानी और बच्चों को पर्याप्त पोषण उपलब्ध नहीं होने जैसे मुद्दे भी उठाए गए। अदालत ने पूरे मामले की जानकारी और अब तक उठाए गए कदमों से संबंधित जवाब मांगा है।
गांवों तक पहुंचाई जा रही स्वास्थ्य सेवाएं
स्थिति से निपटने के लिए प्रभावित इलाकों में मोबाइल मेडिकल यूनिट तैनात की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में जाकर बच्चों की जांच, उपचार और जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल भेजने का काम कर रही हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 32 हजार से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और 600 से ज्यादा पेयजल स्रोतों को शुद्ध किया गया है। इसके अलावा हजारों बच्चों की जांच कर गंभीर कुपोषण वाले बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्रों तक पहुंचाया गया है।
राहुल गांधी ने सरकार पर उठाए सवाल
बालाघाट की घटना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मध्य प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में बच्चों की मौतों का जिक्र करते हुए राज्य सरकार से जमीनी स्थिति पर ध्यान देने की बात कही। वहीं सरकारी स्तर पर मामले की जांच और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौतों को किसी एक बीमारी या एक कारण से जोड़ना उचित नहीं होगा और प्रत्येक मामले की अलग-अलग समीक्षा की जा रही है। हाई कोर्ट की सुनवाई के बाद अब राज्य सरकार की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि प्रभावित इलाकों में बच्चों की मौतों के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।