Trinamool Congress: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव में ‘एकला चलो’ की रणनीति अपनाई है। पार्टी ने विपक्षी गठबंधन से दूरी बनाते हुए राज्य की 22 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। टीएमसी का लक्ष्य खुद को भाजपा और कांग्रेस के विकल्प के रूप में स्थापित करना और राज्य में एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाना है।
खुद के दम पर चुनाव
टीएमसी ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह असम में किसी विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी। शुरुआत में पार्टी ने 51 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में इसे घटाकर 22 सीटों तक सीमित कर दिया गया। पार्टी का मानना है कि सीमित सीटों पर फोकस करके बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।
जारी हुई उम्मीदवारों की सूची
पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा दो चरणों में की। पहली सूची में 17 और दूसरी में 7 उम्मीदवारों के नाम शामिल थे। हालांकि, कुछ उम्मीदवारों द्वारा नाम वापस लेने के बाद कुल संख्या घटकर 22 रह गई। इस प्रक्रिया में पार्टी ने अपने चयन को अंतिम रूप दिया।
उम्मीदवार चयन में नई रणनीति
टीएमसी ने उम्मीदवार चयन में एक अलग रणनीति अपनाई है। पार्टी ने भाजपा छोड़कर आने वाले नेताओं को प्राथमिकता न देकर स्थानीय और बागी नेताओं को मौका दिया है। इसका उद्देश्य भविष्य में दल-बदल की संभावनाओं को कम करना और संगठन को मजबूत बनाना है। पार्टी की नेता सुष्मिता देव ने कहा कि टीएमसी स्पष्ट लक्ष्य के साथ चुनाव मैदान में उतरी है।
मतदान और परिणाम की तारीख तय
असम में विधानसभा चुनाव एक ही चरण में 9 अप्रैल को होंगे। राज्य की कुल 126 सीटों में से टीएमसी 22 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन यह तय करेगा कि वह राज्य की राजनीति में कितनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा पाती है।