त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ सोमवार को राज्य पुलिस मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय में मृत पाए गए। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत सर्विस पिस्तौल से लगी गोली के कारण हुई है। हालांकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों और कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना से पुलिस विभाग में शोक और गंभीरता का माहौल है।
कार्यालय में मिला शव, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अनुराग धनखड़ अपने कार्यालय में घायल अवस्था में मिले। घटना की सूचना मिलते ही उन्हें तत्काल अगरतला के गोविंद बल्लभ पंत (GB) अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं से मामले की पड़ताल की जा रही है।
1994 बैच के आईपीएस अधिकारी थे अनुराग धनखड़
अनुराग धनखड़ 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी थे। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रहने वाले थे। वर्ष 2025 में उन्होंने त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक का कार्यभार संभाला था। अपने प्रशासनिक अनुभव और पुलिस सेवा में लंबे कार्यकाल के कारण वे वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल थे।
मौत के कारणों की जांच जारी
प्रारंभिक स्तर पर यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि घटना में उनकी सर्विस पिस्तौल का इस्तेमाल हुआ। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौत के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल फोरेंसिक और अन्य संबंधित एजेंसियां घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी हैं।
पुलिस विभाग में शोक, आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार
डीजीपी अनुराग धनखड़ के निधन की सूचना सामने आने के बाद पुलिस महकमे में शोक की लहर है। वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं। मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। फिलहाल अधिकारियों की प्राथमिकता घटना के कारणों का स्पष्ट पता लगाना और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करना है।