Tips To Prevent Snoring: अक्सर लोग रात में आने वाले खर्राटों को एक गहरी और सुकून भरी नींद का संकेत मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रात को सोते समय तेजी से खर्राटे लेना न कि सिर्फ आपके साथ सोने वाले पार्टनर की नींद में खराब करता है, बल्कि यह आपके खराब स्वास्थ्य की ओर भी इशारा करता है। खर्राटे आने के पीछे कई मेडिकल और लाइफस्टाइल से जुड़े कारण हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर खर्राटे क्यों आते हैं और इनसे हमेशा के लिए कैसे छुटकारा पाया जा सकता है।
क्यों आते हैं खर्राटे?
मेडिकल साइंस के अनुसार, सोते समय हमारे श्वसन तंत्र के ऊपरी हिस्से में हवा का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता तो वहां की मांसपेशियां वाइब्रेट करने लगती हैं। इसी वाइब्रेशन से तेज आवाज निकलती है, जिसे हम खर्राटे कहते हैं।
खर्राटे आने के कारण
- गलत पोजीशन में सोना
- बढ़ता हुआ वजन
- नाक की बनावट में गड़बड़ी
- नशीले पदार्थों का सेवन
- सर्दी और साइनस की समस्या
- बढ़ती उम्र
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खर्राटों से कैसे पाएं छुटकारा
करवट लेकर सोएं- पीठ के बल सोने के बजाय हमेशा बाईं या दाईं ओर करवट लेकर सोना चाहिए। यह पोजीशन सांस की नली को पूरी तरह खुला रखने में मदद करती है। जिससे खर्राटे नहीं आते हैं।
नियमित एक्सरसाइज- रोजाना कम से कम 30 मिनट योग या कार्डियो वर्कआउट करना चाहिए। इससे वजन नियंत्रित रहेगा और गले की मांसपेशियों पर दबाव कम होगा।
सिरहाना ऊंचा रखें- सोते समय एक अतिरिक्त तकिये का इस्तेमाल करें और अपने सिर को करीब 4 इंच ऊपर उठाएं। इससे ग्रैविटी के कारण सांस की नली ब्लॉक नहीं होती।
खुद को हाइड्रेटेड रखें- दिनभर में कम से कम 8 से 10 ग्लास पानी पिएं। क्योंकि शरीर में पानी की कमी से नाक और गले के अंदर का बलगम चिपचिपा होकर रुकावट पैदा करता है।
सोने से पहले भाप लें- अगर सर्दी या साइनस की वजह से नाक बंद रहती है, तो रात को बिस्तर पर जाने से पहले गर्म पानी की भाप जरूर लें।