
अमेरिका ने एक वीडियो फुटेज जारी कर हमास पर बड़ा आरोप लगाया है। उसका कहना है कि गाजा में आम लोगों की मदद को लेकर जो सहायता भेजी जा रही है, उसे लूटा जा रहा है। हालांकि, हमास ने अमेरिका के लगाए आरोपों से साफ इनकार कर दिया है। हमास ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि गाजा में एक सहायता काफिले को लूटने के झूठे आरोप हम परलगा रहा है।
सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा
हमास की ओर से संचालित गाजा सरकार के मीडिया ऑफिस ने बयान जारी करते हुए कहा, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। उनके पास सबूत नहीं है। ये एक सुनियोजित दुष्प्रचार का तरीका है। संयुक्त राज्य अमेरिका सेंट्रल कमांड (सीईएनटीसीओएम) की ओर से इस सप्ताह के आखिर में एक ड्रोन वीडियो को सामने लाया गया। इसमें शुक्रवार को दक्षिणी गाजा पट्टी में एक सहायता ट्रक को लूटते हुए दिखाया गया। इसमें संदिग्ध हमास कार्यकर्ताओं को देखा गया था।
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इजरायल के किरयात में यह घटना हुई
सीईएनटीसीओएम की ओर एक बयान में कहा गया कि दक्षिणी इजरायल के किरयात में यह घटना हुई है। अमेरिकी नेतृत्व वाले नागरिक-सैन्य समन्वय केंद्र (सीएमसीसी) ने उत्तरी खान यूनिस में गाजावासियों के लिए सहायता पहुंचाई। इस दौरान एक मानवीय काफिले के हिस्से के रूप में यात्रा कर रहे एक सहायता ट्रक को लूटा गया। वीडियो में संदिग्ध हमास कार्यकर्ताओं को देखा गया।
युद्धोत्तर पर होने वाले नुकसान की निगरानी
अमेरिकी नेतृत्व में स्थापित सीएमसीसी का काम गाजा में मानवीय, रसद और सुरक्षा सहायता को पहुंचाना है। युद्धोत्तर पर होने वाले नुकसान की निगरानी करना है। इस केंद्र की स्थापना को लेकर करीब 200 अमेरिकी सैन्य कर्मियों को भेजा गया है। यहां पर वर्तमान में कई सहयोगी देशों के सैनिकों को तैनात किया गया है। इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम की निगरानी को लेकर एक अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन से वीडियो निगरानी की गई। इसके जरिए सीएमसीसी को इस घटना की जानकारी मिली। वहीं दूसरी ओर इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह को कड़ी चेतावनी दी है।